2 नवंबर को होने वाली अपनी अगली मीटिंग में यूएस फेड ब्याज दरों में 0.75 फीसदी की और बढ़ोत्तरी कर सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी तब तक नहीं रोकनी चाहिए जब तक महंगाई वर्तमान स्तर से घटकर आधे पर न आ जाए। ये बातें रायटर्स द्वारा अर्थशास्त्रियों के बीच कराये गए एक पोल से निकल कर आई हैं।
इस पोल से ये भी निकल कर आया है कि यूएस फेड का एक दशक का सबसे बड़ा ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी का दौर अपने साथ एक बड़ी मंदी का डर भी लेकर आया है। पोल में शामिल 90 में से 86 अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पॉलीसी मेकर अगले हफ्ते फेडरल फंड रेट में 0.25 फीसदी की बढ़त करके इसको 3.75-4 फीसदी पर ला सकता है। अमेरिका में महंगाई की दर ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है। इसके साथ ही बेरोजगारी की स्तर कोविड पूर्व के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है। इसको देखते हुए यूएस फेड की नीति दरों में बढ़ोत्तरी की बड़ी संभावना है।
पोल के नतीजे ब्याज दर फ्यूचर प्राइसिंग के अनुरूप हैं। पोल में शामिल केवल चार अर्थशास्त्रियों ने फेड द्वारा अगले दौर में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़त की भविष्यवाणी की है। 17 से 24 अक्टूबर के बीच हुए इस पोल में अधिकांश अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि यूएस फेड दिसंबर में ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की एक और बढ़ोत्तरी करेगा। इस बढ़त के साथ ही 2022 के अंत तक फंड रेट 4.25-4.5 फीसदी हो जाएगी।
पोल में शामिल 80 में से 49 अर्थशास्त्रियों का मानना था कि वित्तवर्ष 2023 की पहली तिमाही में फंड रेट अपने 4.5-4.75 फीसदी के पीक पर पहुंच जाएंगी। लेकिन दरों में अब इस अनुमान से ज्यादा बढ़ोत्तरी की संभावना दिख रही है।
फेड अधिकारियों ने इस पर विचार करना शुरू कर दिया है कि उन्हें दरों में वृद्धि की गति को कब धीमा करना चाहिए। क्योंकि दरों में किसी बढ़त का वास्तविक असर दिखने में मई महीनें लगते हैं। ऐसे में फेड अधिकारियों के लिए ये अनुमान लगाना जरूरी होता हो कि कब तक दरों में बढ़ोत्तरी करनी चाहिए और कब इस लगाम लगाना चाहिए।
फेड को महंगाई के किस स्तर पर आने के बाद दरों में बढ़त के दौर पर लगाम लगाने पर विचार करना चाहिए? इस सवाल का जवाब देते हुए 22 अर्थशास्त्रियों का कहना था कि महंगाई दर के 4.4 फीसदी पर आने जाने के बाद यूएस फेड को अपनी नीति दरों में बढ़त को दौर पर लगाम लगाना चाहिए। बताते चलें कि वर्तमान में अमेरिका में महंगाई दर 8 फीसदी पर है।