सोमवार को अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स में भारी कमजोरी देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी का आदेश देना रहा, जो अमेरिका-ईरान बातचीत टूटने के बाद आया। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि ईरान के साथ सीजफायर कभी भी खत्म हो सकता है।
डाउ, S&P और नैस्डैक का हाल
डाउ फ्यूचर्स करीब 500 अंक यानी 1.04% नीचे रहा। शुरुआती गिरावट 580 अंकों तक गई थी। S&P 500 और Nasdaq-100 फ्यूचर्स भी करीब 0.7% नीचे ट्रेड कर रहे थे। ये शाम 6.15 बजे तक का हाल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में आने-जाने वाले जहाजों को रोकना शुरू करेगी। इसमें दूसरे देश भी साथ दे सकते हैं।
इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ 21 घंटे की बातचीत को नाकाम बताया। उन्होंने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने को तैयार नहीं है। वहीं ईरान ने स्ट्रेट पर नियंत्रण, युद्ध मुआवजा और फंसे हुए फंड तक पहुंच की मांग रखी।
तेल की कीमतों में तेज उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर तेल की कीमतों पर तुरंत दिखा। ब्रेंट क्रूड करीब 9% चढ़कर $104 प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि बाद में थोड़ा गिरकर $102 के ऊपर बना रहा।
महंगाई और ग्रोथ को लेकर चिंता
तेल महंगा होने से महंगाई और वैश्विक आर्थिक ग्रोथ को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ, तो वह पर्शियन गल्फ के पोर्ट्स को निशाना बनाएगा। उसने अमेरिकी कदम को 'समुद्री लूट' बताया है।
पिछले हफ्ते सीजफायर की खबर से अमेरिकी शेयर बाजार में अच्छी तेजी आई थी। S&P 500 करीब 3.6% चढ़ा था, नैस्डैक 4.7% और डाउ करीब 3% ऊपर गया था। फिलहाल सीजफायर बना हुआ है, लेकिन तनाव अभी भी खत्म नहीं हुआ है।
अब नजर कंपनियों के नतीजों पर
अब निवेशकों की नजर दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है। सोमवार को गोल्डमैन सैक्स अपने नतीजे जारी करेगा। इसके बाद इस हफ्ते JPMorgan Chase, Citigroup, Wells Fargo, Morgan Stanley और Bank of America के नतीजे आएंगे।