अमेरिकी शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन जबरदस्त गिरावट झेल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित रेसिप्रोकल टैरिफ पर चीन के जवाबी एक्शन ने आग में घी का काम किया है। चीन ने कहा है कि वह 10 अप्रैल से अपने यहां आने वाले सभी अमेरिकी सामानों पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। साथ ही 11 कंपनियों को 'गैरभरोसेमंद एंटिटीज' की लिस्ट में डाल दिया है। इस कदम से चीन इन कंपनियों को चीन में या चीनी कंपनियों के साथ बिजनेस करने से रोक रहा है।
इन वजहों के चलते अमेरिकी बाजार लगातार दूसरे दिन लाल निशान में खुले। CNBC के मुताबिक, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1300 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। S&P 500 3.5% गिरा है, जबकि नैस्डैक कंपोजिट लगभग 3.8% की गिरावट झेल रहा है। नैस्डैक 16 दिसंबर, 2024 को क्रिएट हुए 20204.58 के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग 21 प्रतिशत गिर चुका है।
गुरुवार का दिन, अमेरिकी बाजारों के लिए 2020 के बाद के सबसे खराब कारोबारी दिनों में से एक रहा। S&P 500 4.85 प्रतिशत गिरकर 5,395.92 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 1,053.60 अंक गिरकर 16,547.45 पर बंद हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी करीब 4 प्रतिशत गिरकर 40,542.71 पर बंद हुआ। ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के चलते अमेरिकी और ग्लोबल स्टॉक्स में मची तबाही के चलते दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों की दौलत से 20.8 हजार करोड़ डॉलर या करीब 17.73 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।
आगे दबाव बढ़ने की उम्मीद है। इसकी वजह है कि चीन से पहले गुरुवार को, कनाडा ने घोषणा की कि वह जल्द ही अमेरिकी टैरिफ का जवाब देगा। अमेरिकी बाजार लेटेस्ट जॉब डेटा पर भी प्रतिक्रिया देंगे। सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में अमेरिका में पेरोल में 228,000 की बढ़ोतरी हुई। फरवरी में यह 117,000 थी। मार्च में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.2 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में 4.1 प्रतिशत थी।