Q4 Results: UTI एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने बुधवार (23 अप्रैल) को मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 72.8% गिरकर ₹33.7 करोड़ रह गया। वहीं रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा और कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹40 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
रेवेन्यू और तिमाही प्रदर्शन
UTI एसेट मैनेजमेंट का मार्च तिमाही में रेवेन्यू करीब ₹317 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग बराबर है। तिमाही आधार पर भी मुनाफा गिरा है। यह दिसंबर तिमाही के ₹123.7 करोड़ से घटकर ₹33.7 करोड़ रह गया। यानी कमाई में लगातार कमजोरी दिखी है।
पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹539.7 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹653.5 करोड़ से कम है। हालांकि कुल आय थोड़ी बढ़कर ₹1,492 करोड़ हो गई, जो पहले ₹1,456 करोड़ थी।
मुनाफे पर किसका असर पड़ा?
UTI एसेट मैनेजमेंट ने बताया कि साल के दौरान मुनाफे पर असाधारण खर्चों का असर पड़ा, खासकर कर्मचारियों से जुड़े खर्चों की वजह से। इसमें VRS (स्वैच्छिक रिटायरमेंट स्कीम) और नए लेबर कोड लागू करने से जुड़े खर्च शामिल हैं, जिनकी कुल राशि ₹108 करोड़ से ज्यादा रही।
कर्मचारी लाभ से जुड़े खर्च बढ़कर ₹437 करोड़ हो गए, जो पिछले साल ₹364 करोड़ थे। यानी कंपनी का खर्च बढ़ा, जिससे मुनाफे पर दबाव आया।
UTI एसेट मैनेजमेंट ने कहा कि उसके नतीजे सभी लागू अकाउंटिंग मानकों के अनुसार तैयार किए गए हैं और ऑडिटर्स ने इन पर बिना किसी बदलाव के अपनी राय दी है।
नतीजों से पहले UTI एसेट मैनेजमेंट कंपनी का शेयर ₹1,042.65 पर बंद हुआ, जो करीब 2% की गिरावट के साथ रहा। हालांकि पिछले एक महीने में स्टॉक 15% चढ़ा है, लेकिन पिछले 6 महीने में करीब 20% गिर चुका है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।