Vedanta Aluminium को मिली चौथी बाय रेटिंग, लेकिन फिर भी इस कारण शेयर लाल

Vedanta Aluminium Shares: दो हफ्ते पहले वेदांता से अलग होकर लिस्ट हुई वेदांता एलुमिनियम मेटल के शेयरों को चौथी बाय रेटिंग मिली है। हालांकि इसके बावजूद वेदांता एलुमिनियम के शेयर टूट गए। जानिए इसके शेयरों में बिकवाली का दबाव क्यों है और ब्रोकरेज फर्म का रुझान इस पर बुलिश क्यों है और चारों ब्रोकरेजेज ने इसका टारगेट प्राइस क्या फिक्स किया है

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 2:32 PM
वेदांता के डीमर्जर (Vedanta Demerger) के बाद इसकी एलुमिनियम बिजनेस यूनिट वेदांता एलुमिनियम (Vedanta Aluminium) 15 जून को मार्केट में लिस्ट हुई थी।

Vedanta Aluminium Shares: वेदांता ग्रुप से अलग होकर लिस्ट हुई वेदांता एलुमिनियम मेटल को एक और खरीदारी की रेटिंग मिली है। इससे पहले देश-विदेश के तीन ब्रोकरेज फर्म इसे खरीदने की सलाह दे चुके हैं। हालांकि चौथी पॉजिटिव रेटिंग के बावजूद आज इसके शेयर टूट गए हैं। ऐसे में ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक के बुलिश रुझान के मुताबिक इसे खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। फिलहाल बीएसई पर यह 0.93% की गिरावट के साथ ₹448.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 3.58% फिसलकर ₹436.00 तक आ गया था।

वेदांता एलुमिनियम के शेयरों में डॉलर की मजबूती और एल्युमीनियम की कीमतों में गिरावट के चलते आई। इसके शेयरों के अब तक के चाल की बात करें तो 15 जून को यानी लिस्टिंग के दिन यह ₹538.00 के रिकॉर्ड हाई पर था जिसके कुछ दिन बाद 29 जून 2026 को यह ₹421.65 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था।

Vedanta Aluminium का क्या टारगेट फिक्स किया है Investec ने?


ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक ने वेदांता एलुमिनियम की खरीदारी की रेटिंग और ₹630 के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू की है। इस टारगेट प्राइस के हिसाब से इन्वेस्टेक ने वेदांता एलुमिनियम की वैल्यू वित्त वर्ष 2024 के लिए इसके अनुमानित EV/EBITDA के मुकाबले 7 गुना पर तय की है। इन्वेस्टेक के अनुसार वेदांता एलुमिनियम देश की सबसे मजबूत और क्लीन एलुमिनियम कंपनियों में से एक है, जिसकी देश के कुल स्मेल्टिंग कैपेसिटी में 55% से अधिक और रिफाइनिंग कैपेसिटी में लगभग 40% हिस्सेदारी है।

ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी की विस्तार यानी कैपेक्स योजनाओं को ध्यान में रखते हुए अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी की सेल्स वॉल्यूम सालाना 6% और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 28% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़ेगा। इसके अलावा कंपनी का कर्ज भी तेजी से घटेगा। कंपनी का लक्ष्य है कि वह मौजूदा नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो 1.7 गुना से वित्त वर्ष 2028 तक नेट कैश की स्थिति में पहुंच जाए। इन्वेस्टेक का अनुमान है कि कंपनी को कैप्टिल कोल/बॉक्साइट इंटीग्रेशन और एलुमिना बैलेंस में सुधार के दम पर हर टन पर $140 तक की स्ट्रक्चरल कॉस्ट सेविंग हो सकती है।

बाकी ब्रोकरेजेज का क्या है रुझान

वेदांता से अलग होकर चार कंपनियां-वेदांता एलुमिनियम मेटल, वेदांता पावर, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता ऑयल एंड गैस लिस्ट हुई और एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसमें सबसे तगड़ा बिजनेस एलुमिनियम वाला है। लिस्टिंग के बाद ब्रोकरेजेज फर्म सिटी और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने इसकी खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की। सिटी ने इसका टारगेट प्राइस ₹560 और कोटक ने ₹600 फिक्स किया। पिछले हफ्ते सीएलएसए ने भी प्रति शेयर ₹540 के टारगेट प्राइस के साथ इसकी कवरेज शुरू की थी।

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