Vedanta demerger: 100 शेयर बन जाएंगे 500, जानिए कब लिस्ट होंगी वेदांता की नई कंपनियां
Vedanta demerger: वेदांता के डिमर्जर में 1 शेयर के बदले 5 कंपनियों के शेयर मिलेंगे। इससे 100 शेयर 500 बन सकते हैं। 1 मई रिकॉर्ड डेट है, लेकिन उससे पहले ही शेयर खरीदना जरूरी होगा। जानिए इसकी वजह और साथ ही नई कंपनियां कब तक लिस्ट हो सकती हैं।
डिमर्जर के बाद मौजूदा वेदांता कंपनी लिस्टेड बनी रहेगी।
Vedanta demerger: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता का शेयर 1 मई की रिकॉर्ड डेट से पहले लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस दिन कंपनी 5 हिस्सों में बंटेगी। बाजार को इस डिमर्जर से वैल्यू अनलॉकिंग की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म Nuvama के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया निवेशकों और बाजार दोनों के लिए अहम होगी और नई कंपनियों की लिस्टिंग 4 से 8 हफ्तों में पूरी हो सकती है।
डिमर्जर में क्या होगा
इस डिमर्जर के बाद मौजूदा वेदांता कंपनी लिस्टेड बनी रहेगी। वहीं, इसके चार बड़े बिजनेस अलग-अलग कंपनियों में बांटे जाएंगे। यानी पूरी ग्रुप स्ट्रक्चर बदलकर पांच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां बन जाएंगी... वेदांता, वेदांता एल्यूमिनियम, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता स्टील एंड आयरन ओर।
कंपनी
बिजनेस फोकस
Vedanta
पेरेंट कंपनी (बाकी ऑपरेशंस)
Vedanta Aluminium
एल्युमिनियम सेगमेंट
Vedanta Power
बिजली उत्पादन
Vedanta Oil & Gas
तेल और गैस बिजनेस
Vedanta Steel & Iron Ore
स्टील और खनन बिजनेस
1 मई क्यों है अहम
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम तारीख 1 मई 2026 है, जिसे रिकॉर्ड डेट तय किया गया है। इस दिन जिन निवेशकों के पास वेदांता के शेयर होंगे, वही नई कंपनियों के शेयर पाने के हकदार होंगे।
भारत में T+1 सेटलमेंट सिस्टम लागू है, इसलिए इस लाभ के लिए 29 अप्रैल तक शेयर खरीदना जरूरी है। 30 अप्रैल एक्स-डेट होगी, यानी इस दिन के बाद खरीदे गए शेयरों पर डिमर्जर का फायदा नहीं मिलेगा।
शेयर कैसे मिलेंगे
डिमर्जर 1:1 के अनुपात में होगा। यानी आपके पास वेदांता का 1 शेयर है, तो आपको नई बनने वाली हर कंपनी में 1-1 शेयर मिलेगा।
हालांकि कुल शेयर बढ़ जाएंगे, लेकिन कुल वैल्यू अलग-अलग कंपनियों में बंट जाएगी। डिमर्जर के बाद शेयर की कीमत में भी एडजस्टमेंट होगा, जो पुराने और नए प्राइस के अंतर से तय होगा।
कब लिस्ट होंगी नई कंपनियां
निवेशकों के लिए बड़ा सवाल यह है कि नई कंपनियां कब बाजार में ट्रेडिंग शुरू करेंगी। इसका कोई तय समय नहीं है, क्योंकि इसमें कई तरह की मंजूरियां लगती हैं।
हालांकि पिछले पैटर्न के आधार पर Nuvama का अनुमान है कि रिकॉर्ड डेट के बाद 4 से 8 हफ्तों में लिस्टिंग पूरी हो सकती है। यानी मई के अंत से जुलाई की शुरुआत के बीच नई कंपनियां बाजार में आ सकती हैं।
कंपनी
किससे अलग हुई
रिकॉर्ड डेट के बाद लिस्टिंग का अनुमानित समय
Tata Motors CV
Tata Motors
लगभग 1 महीना
Siemens Energy
Siemens
लगभग 75 दिन
ITC Hotels
ITC
लगभग 23 दिन
Jio Financial Services
Reliance Industries
लगभग 33 दिन
इंडेक्स पर क्या असर पड़ेगा
यह डिमर्जर सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडेक्स पर भी असर डालेगा। अभी वेदांता का Nifty Next 50 में करीब 5.2% वेट है।
डिमर्जर के बाद वेदांता इंडेक्स में बनी रहेगी। नई कंपनियां शुरुआत में ‘डमी’ के रूप में शामिल होंगी। लिस्टिंग के बाद उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें इंडेक्स में शामिल या बाहर किया जाएगा।
अगर लिस्टिंग में देरी हुई तो
अगर नई कंपनियों की लिस्टिंग जून से आगे जाती है, तो वे सितंबर के इंडेक्स रीबैलेंसिंग में शामिल नहीं हो पाएंगी। इससे पैसिव फंड्स से आने वाला पैसा भी प्रभावित हो सकता है।
बड़ी यूनिट जैसे वेदांता एल्यूमिनियम बड़े इंडेक्स में जा सकती है। वहीं, पावर और ऑयल एंड गैस जैसी कंपनियां स्मॉलकैप इंडेक्स में जगह बना सकती हैं।
निवेशकों के लिए क्या जरूरी है
यह डिमर्जर सिर्फ बिजनेस बांटने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे यह तय होगा कि बाजार हर बिजनेस की वैल्यू कैसे तय करता है।
निवेशकों को खास तौर पर तीन चीजों पर नजर रखनी चाहिए... लिस्टिंग का समय, इंडेक्स में शामिल होने की संभावना और अलग-अलग कंपनियों की वैल्यूएशन।
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