माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दर्ज की है। सालभर में एल्युमीनियम, जिंक और कुछ खास इंडस्ट्रियल सेगमेंट्स में रिकॉर्ड उत्पादन की वजह से ऐसा हुआ। वहीं कंपनी का तेल और गैस उत्पादन दबाव में रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अपना अब तक का सबसे ज्यादा सालाना एल्यूमिना उत्पादन दर्ज किया, जो कि 29.16 लाख टन रहा। यह एक साल पहले के मुकाबले 48% ज्यादा है। कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि लांजीगढ़ रिफाइनरी में उत्पादन में तेज बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही।
एल्युमीनियम का उत्पादन भी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 24.56 लाख टन पर पहुंच गया, जो मुख्य रूप से ऑपरेशनल क्षमता में सुधार की वजह से हासिल हुआ। यह पिछले साल से 1 प्रतिशत ज्यादा है। हिंदुस्तान जिंक के कारोबार में खदान से निकाले गए मेटल का उत्पादन रिकॉर्ड 11.14 लाख टन तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 2% ज्यादा है। इसमें अयस्क की बेहतर गुणवत्ता और उत्पादन की ज्यादा मात्रा का योगदान रहा। तिमाही आधार पर खदान से निकाले गए मेटल का उत्पादन रिकॉर्ड 3.15 लाख टन रहा। रिफाइंड जिंक का उत्पादन 3% बढ़कर 8.51 लाख टन हो गया।
दूसरी ओर चांदी का उत्पादन सालाना आधार पर 9% घटकर 627 टन रह गया। अन्य सेगमेंट्स में वेदांता ने वित्त वर्ष 2026 में पिग आयरन का रिकॉर्ड 8.95 लाख टन का उत्पादन दर्ज किया। यह एक साल पहले से 10% ज्यादा है। वहीं, कॉपर कैथोड का उत्पादन 15% बढ़कर 1.70 लाख टन हो गया। फेरो क्रोम का उत्पादन 21% बढ़कर 1.01 लाख टन हो गया, जिसमें अयस्क की ज्यादा उपलब्धता का योगदान रहा। कंपनी के मुताबिक, बिजली की बिक्री सालाना आधार पर 14% बढ़कर 1857.1 करोड़ यूनिट हो गई।
वेदांता के तेल और गैस का उत्पादन वित्त वर्ष 2026 में कमजोर बना रहा। एवरेज डेली ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले 16% घटकर 87.2 kboepd रह गया। इसकी मुख्य वजह पुराने हो चुके तेल क्षेत्रों में उत्पादन में प्राकृतिक रूप से आई गिरावट थी।
वेदांता लिमिटेड का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में प्रदर्शन मिला जुला रहा। कंपनी का एल्युमिनियम और जिंक का उत्पादन बढ़ा, जबकि लौह अयस्क, इस्पात और तेल एवं गैस का उत्पादन घटा। तिमाही के दौरान कुल एल्युमिनियम उत्पादन में 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। तेल और गैस सेगमेंट में, कंपनी का एवरेज डेली ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 15 प्रतिशत घटकर 81,500 बैरल तेल प्रति दिन रह गया। मार्च तिमाही में बिक्री-योग्य लौह अयस्क उत्पादन में 3 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि बिक्री-योग्य इस्पात उत्पादन में एक प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज की गई।