VL Infraprojects IPO Listing: सरकारी प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली वीएल इंफ्राप्रोजेक्ट्स (VL Infraprojects) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। खुदरा निवेशकों के दम पर इसके आईपीओ को ओवरऑल 636 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 42 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 79.80 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90 फीसदी का लिस्टिंग गेन (VL Infraprojects Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 83.75 रुपये (VL Infraprojects Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 99.40 फीसदी मुनाफे में हैं।
VL Infraprojects IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
वीएल इंफ्राप्रोजेक्ट्स का ₹18.52 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जुलाई तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 636.17 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 203.73 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 726.56 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 844.22 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 44.10 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
VL Infraprojects के बारे में
वर्ष 2014 में बनी वीएल इंफ्राप्रोजेक्ट्स वाटर इंफ्रा और सिंचाई से जुड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2021 में इसे 83.37 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2022 में उछलकर 1.11 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023 में 2.23 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 6.14 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 54 फीसदी से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 114 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।