Vodafone Idea Government: सरकार भारी वित्तीय संकट और कर्ज से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया में सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई है। टेलीकॉम कंपनी ने मंगलवार (8 अप्रैल 2025) को सरकार को ₹36,950 करोड़ मूल्य के इक्विटी शेयर आवंटित किए। यह आवंटन स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने के तहत हुआ। अब सरकार वोडाफोन आइडिया की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई है, जिसके पास कंपनी में 48.99% हिस्सेदारी है।
कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर की दर से कुल 3,695 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए, जो समान मूल्य पर दिए गए। यह कदम कंपनी की 30 मार्च की घोषणा के हिसाब से है, जो सितंबर 2021 में घोषित टेलीकॉम रिफॉर्म्स और सहायता पैकेज का हिस्सा था।
यह शेयर कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 62(4) के तहत संचार मंत्रालय के निर्देशों पर आवंटित किए गए। इसके बाद वोडाफोन आइडिया की कुल पेड-अप शेयर कैपिटल बढ़कर ₹1.08 लाख करोड़ हो गई है। इसमें अब 10,834 करोड़ से अधिक शेयर शामिल हैं। यह हिस्सेदारी निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के जरिए आती है।
वोडाफोन आइडिया को नहीं चलाएगी सरकार
सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वह वोडाफोन आइडिया की कमान अपने हाथ में नहीं लेगी। इसका मतलब है कि कंपनी का संचालन मौजूदा मैनेजमेंट के पास ही रहेगा। इस इक्विटी कन्वर्जन का मकसद सिर्फ वोडाफोन आइडिया को वित्तीय राहत देना है। इससे कंपनी फिर से अपने ऑपरेशन पर फोकस कर सकेगी। साथ ही, उसे टेलीकॉम मार्केट में प्रतिस्पर्धा करने में भी मदद मिलेगी।
यह घोषणा बाजार बंद होने के बाद हुई। इससे पहले BSE पर वोडाफोन आइडिया के शेयर 2.58% गिरकर ₹7.18 प्रति शेयर पर बंद हुए थे। पिछले 5 कारोबारी सत्रों के दौरान वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 10.38% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप
51.19 हजार करोड़ रुपये है।