शेयर मार्केट क्रैश से डरें या निवेश करें? क्या कहते हैं वॉरेन बफे के इनवेस्टमेंट टिप्स

अमेरिका-चीन टैरिफ वॉर के बीच दुनिया भर के शेयर बाजार क्रैश हो गए हैं। इससे बहुत से निवेशक घबरा रहे हैं। ऐसे में दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे के सबक से निवेशक बड़ी सीख ले सकते हैं।

अपडेटेड Apr 07, 2025 पर 5:19 PM
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वॉरेन बफे बाजार की उठा-पटक से घबराते नहीं, वह इसे मौके की तरह देखते हैं।

Stock Market Crash: इस साल यानी 2025 की शुरुआत से ही दुनिया भर के शेयर बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है। इसकी सबसे बड़ी  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी है। पिछले महीने यानी में टॉप 10 में से 9 अरबपतियों की दौलत घटी है। इनमें टेस्ला के बॉस एलॉन मस्क और मेटा के मालिक मार्क जुकरबर्ग जैसे धनकुबेर शामिल है।

सिर्फ एक शख्स की संपत्ति बढ़ी है और वो हैं, दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे। उनकी मार्च 2024 में नेटवर्थ 155 अरब डॉलर थी। 94 साल के वॉरेन बफे की इनवेस्टमेंट स्टाइल की दुनिया कायल है। जब भी शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट आती है, तो बफे के निवेश सबक याद आते हैं।

क्या है बफे की इनवेस्टमेंट टिप्स


वॉरेन बफे बाजार की उठा-पटक से घबराते नहीं। वे उसे एक मौके की तरह देखते हैं। अमेरिका और चीन के बीच नए टैरिफ तनाव के चलते वॉल स्ट्रीट पर इस हफ्ते जबरदस्त volatility दिखी। अमेरिका ने चीन के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को निशाना बनाते हुए नए शुल्क लगाए, जिसका चीन ने तुरंत जवाब दिया। इससे वैश्विक मंदी की आशंका बढ़ी और बाजार में बिकवाली शुरू हो गई।

शेयर बाजार फिर से अस्थिरता के दौर में जा रहा है। वहीं, बफे का पुरानी फिलॉस्फी आज भी निवेशकों के लिए मशाल की तरह है। उन्होंने 2008 की आर्थिक मंदी में लिखा था,"बुरी खबरें ही एक सच्चे निवेशक की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं।" उनका मानना है कि जब लोग डर के मारे बेचते हैं, तभी असली निवेशक मूल्य (value) देखते हैं।

बफे ने गिरावट का फायदा कैसे उठाया

खुद बफे ने 2008 के सब-प्राइम क्राइसिस अच्छी कंपनियों के शेयर सस्ते में खरीदे। इसका उन्हें लॉन्ग टर्म में काफी फायदा हुआ। फिलहाल, बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे के पास 334 अरब डॉलर कैश है। इसका मतलब है कि बफे और उनकी कंपनी एक बार फिर से मार्केट की गिरावट का सबसे बेहतर फायदा उठाने की स्थिति में है।

बफे की एक और मशहूर सीख इस समय और भी काफी प्रासंगिक है। वह कहते हैं, "ऐसी चीज ही खरीदो, जिसे तुम खुशी-खुशी अगले 10 साल तक भी होल्ड कर सको, फिर चाहे बाजार में कितना भी उतार-चढ़ाव आए।"

शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ने के साथ एक्सपर्ट भी मान रहे हैं कि गिरावट और बढ़ सकती है। लेकिन ऐसे समय में लंबी सोच और धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार है। यही बात बफे बार-बार याद दिलाते हैं। निवेशकों शॉर्ट टर्म की अफवाहों और डर से दूर रहना चाहिए। अगर कोई लॉन्ग टर्म के नजरिए से सोचता है, तो इस समय भी उसके लिए बाजार में अच्छा मौका है।

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