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आखिर Silicon Valley Bank क्यों डूबा, क्या इंडिया में भी बैंकों पर मंडरा रहा खतरा?

साल 2022 के अंत में Silicon Valley Bank के पास 209 अरब डॉलर का एसेट था। फिर, कुछ ही महीनों में इस बैंक की हालत इतनी बिगड़ गई कि यह दिवालिया हो गया। इसका कैश बैलेंस निगेटिव हो गया है। इसके कई डिपॉजिटर्स के पैसे को इंश्योरेंस कवर हासिल नहीं है

Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 13, 2023 पर 6:59 PM
आखिर Silicon Valley Bank क्यों डूबा, क्या इंडिया में भी बैंकों पर मंडरा रहा खतरा?
Silicon Valley Bank की शुरुआत 1983 में हुई थी। यह ज्यादातर टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप्स को बैंकिंग सेवाएं देता था।

Silicon Valley Bank के डूबने की खबरें लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। यह अमेरिकी बैंक है, लेकिन इसकी खबरें दुनियाभर में पढ़ी जा रही हैं। इंडिया में भी इस बैंक को लेकर खूब चर्चा हो रही है। कई लोगों को 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस की याद आ रही है। इससे इनवेस्टर्स के बीच डर का माहौल है। इंडिया में भी बैंकों में डिपॉजिट रखने वाले लोग थोड़ा डरे हुए हैं। वे जानना चाहते हैं कि क्या SVB के डूबने का असर इंडिया में भी बैंकों पर पड़ सकता है। आखिर SVB क्यों डूब गया? इसके डूबने से सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा? SVB के डिपॉजिटर्स के पैसे का क्या होगा? SVB के डूबने को स्टार्टअप्स के लिए बड़ा झटका क्यों माना जा रहा है? आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं।

बॉन्ड में निवेश से SVB को कितना लॉस?

SVB ने 8 मार्च (बुधवार) को बताया कि उसने 21 अरब डॉलर के बॉन्ड बेच दिए हैं। इससे उसे 1.18 अरब डॉलर का लॉस हुआ है। उसने यह भी कहा कि वह पूंजी जुटाने की कोशिश कर रहा है। बैंक के इस ऐलान के बाद इसके डिपॉजिटर्स डर गए। उन्होंने बैंक से अपने डिपॉजिट निकालने शुरू कर दिए। बैंक की शाखाओं के बाहर इसके ग्राहकों की लाइन लग गई। डिपॉजिटर्स को लगा कि SVB में उनका पैसा सुरक्षित नहीं है। ज्यादा नुकसान की स्थिति में उनका डिपॉजिट भी डूब सकता है।

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