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HDFC Bank अब एक्सपर्ट्स के टॉप-10 पसंद में भी नहीं, इस कारण शेयरों पर बना दबाव, मुनाफे के लिए क्या करें?

निजी सेक्टर में देश के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के सितंबर तिमाही के नतीजे से इसके मार्जिन पर दबाव का खुलासा हुआ है। HDFC के विलय के बाद मार्जिन से जुड़ी चिंताओं और प्रति शेयर आय (EPS) की ग्रोथ में गिरावट के चलते इसके शेयरों को लेकर मार्केट सतर्क हो गया है। इसके चलते बैंक के शेयर अब एनालिस्ट्स के टॉप-10 लिस्ट से हट गया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 09, 2023 पर 10:54 AM
HDFC Bank अब एक्सपर्ट्स के टॉप-10 पसंद में भी नहीं, इस कारण शेयरों पर बना दबाव, मुनाफे के लिए क्या करें?
ब्रोकरेज के मुताबिक HDFC Bank के मार्जिन और हर तिमाही लगातार डिपॉजिट ग्रोथ को लेकर नियर टर्म में अनिश्चितता बनी हुई है।

निजी सेक्टर में देश के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के सितंबर तिमाही के नतीजे से इसके मार्जिन पर दबाव का खुलासा हुआ है। HDFC के विलय के बाद मार्जिन से जुड़ी चिंताओं और प्रति शेयर आय (EPS) की ग्रोथ में गिरावट के चलते इसके शेयरों को लेकर मार्केट सतर्क हो गया है। इसके चलते बैंक के शेयर अब एनालिस्ट्स के टॉप-10 लिस्ट से हट गया है। नीचे इससे जुड़ा एक टेबल दिया गया है जिसमें देख सकते हैं कि अक्टूबर महीने के लिए एनालिस्ट्स की पसंद के टॉप-10 शेयर कौन-कौन से हैं। इस टेबल में देख सकते हैं कि HDFC Bank टॉप-10 चॉइस से हट गया है लेकिन ICICI Bank, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक और SBI जैसे बैंकिंग शेयरों पर एनालिस्ट्स का भरोसा बना हुआ है।

किस कारण HDFC Bank पर बना दबाव और आगे क्या है रुझान

ब्रोकरेज नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि बैंक के मार्जिन और हर तिमाही लगातार डिपॉजिट ग्रोथ को लेकर नियर टर्म में अनिश्चितता बनी हुई है। मर्जर और इंक्रीमेंटल कैश रिजर्व रेश्यो (ICRR) के नियमों के चलते सितंबर तिमाही में बैंक का नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) सिकुड़कर 3.4 फीसदी पर आ गया। ICRR के नियमों को वापस ले लिया गया है जिसका पॉजिटिव असर दिसंबर तिमाही में दिख सकता है। हालांकि एनालिस्ट्स के मुताबिक HDFC के लोन-टू-डिपॉजिट रेश्यो और कर्ज की ऊंची लागत के चलते NIM के 3.65 फीसदी पर आने की संभावना एक से दो तिमाहियों तक नहीं दिख रही है। मार्जिन के दबाव और कॉस्ट रेश्यो के कम फायदे के चलते एक्सिस सिक्योरिटीज ने वित्त वर्ष 2024-वित्त वर्ष 2026 में कमाई के अनुमान में 2-5 फीसदी की कटौती कर दी है।

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