M&M Shares: इस कारण महिंद्रा एंड महिंद्रा में आई 5% की गिरावट, बना निफ्टी ऑटो का टॉप लूजर

M&M Shares: ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखा। गिरावट इतनी तेज रही कि यह घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 (Nifty 50) के टॉप लूजर्स में शुमार रहा और निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) पर इसमें सबसे अधिक फिसलन रही। जानिए इसके शेयरों में आज यह दबाव क्यों आया और आगे क्या रुझान है?

अपडेटेड Jan 27, 2026 पर 4:33 PM
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M&M Shares: ऑटो सेक्टर की 15 दिग्गज कंपनियों के निफ्टी इंडेक्स निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) में आज शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक बिकवाली का दबाव महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) में रहा।

M&M Shares: ऑटो सेक्टर की 15 दिग्गज कंपनियों के निफ्टी इंडेक्स निफ्टी ऑटो (Nifty Auto) में आज शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक बिकवाली का दबाव महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) में रहा। करीब 5% की गिरावट के साथ इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 (Nifty 50) के टॉप लूजर्स में शुमार हो गया। यूरोपीय यूनियन (EU) के साथ कारोबारी सौदे पर इसके शेयरों पर दबाव पड़ा। आज बीएसई पर यह 4.19% की गिरावट के साथ ₹3394.30 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 5.58% टूटकर ₹3345.00 तक आ गया था जो इसके शेयरों के लिए चार महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। निफ्टी ऑटो के आज सिर्फ 5 ही स्टॉक्स ग्रीन हैं।

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ट्रेड एग्रीमेंट की खास बातें

भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत यूरोपीय यूनियन को ऑटो और टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स जैसे सेक्टर्स में फायदा मिल सकता है। वहीं इलेक्ट्रिक वेईकल्स (EVs), इंटर्नल कंबस्चन इंजंस (ICE) और हैवी कमर्शियल वेईकल्स के लिए अलग से कोटा तय किया जाएगा। इस एग्रीमेंट के तहत यूरोपीय संघ से कारों के आयात पर ड्यूटी को 66%-110% से घटाकर 30% से 35% लाया जाएगा। पांच साल में इसे घटाकर 10% तक लाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ भारत से कारों के एक्सपोर्ट कोटा यूरोपीय संघ की तुलना में 2.5 गुना अधिक होगा जिन्हें बिना ड्यूटी के निर्यात किया जा सकेगा।


M&M के शेयर क्यों हुए धड़ाम?

ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स के नोट के मुताबिक भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच की डील का सबसे अधिक असर उन ब्रांड्स पर पड़ेगा, जिनकी प्रीमियम एग्जीक्यूटिव और लग्जरी सेगमेंट में मौजूदगी है या जिनकी कारें ₹23.2 लाख से अधिक की रेंज में हैं। गोल्डमैन के मुताबिक महिंद्रा एंड महिंद्रा की प्रॉफिटेबिलिटी पर इसका 1.9% का असर पड़ेगा क्योंकि XUV700 और स्कॉर्पियो जैसे मॉडलों के जरिए इस सेगमेंट में कंपनी की अहम मौजूदगी है। यहां ध्यान रखना जरूरी है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अगले साल 2027 से ही प्रभावी होगा क्योंकि अभी जरूरी कानूनी प्रक्रिया बाकी है। हालांकि अभी कंपनी ने इस एग्रीमेंट के अपनी वित्तीय सेहत पर असर को लेकर कुछ कहा नहीं है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

एमएंडएम के शेयर पिछले साल 7 अप्रैल 2025 को ₹2360.45 पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह नौ महीने में 62.68% उछलकर 5 जनवरी 2026 को ₹3840.00 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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