Why Market Fall: अगले वित्त वर्ष 2027 का बजट पेश होने से एक कारोबारी दिन पहले आज मार्केट में हाहाकार मच गया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) लगातार तीन दिनों की रैली के बाद फिसल गए। कमजोर वैश्विक संकेतों और बजट से पहले सतर्क रुझानों के साथ-साथ आईटी और मेटल स्टॉक्स में बिकवाली ने इन पर काफी दबाव बनाया। सेंसेक्स फिलहाल 0.44% की गिरावट के साथ 82,200.94 और निफ्टी 0.48% की फिसलन के साथ 25,296.20 पर है। हालांकि इंट्रा-डे में सेंसेक्स पिछले कारोबारी दिन के क्लोजिंग 82,566.37 से 625.34 प्वाइंट्स टूटकर 81,941.03 और निफ्टी 50 भी 199.95 प्वाइंट्स गिरकर 25,218.95 तक आ गया था। सेंसेक्स पर फिलहाल 11 स्टॉक्स और निफ्टी 50 पर 22 स्टॉक्स ग्रीन हैं। सेंसेक्स पर एसबीआई, बीईएल और एक्सिस बैंक टॉप गेनर हैं तो टाटा स्टील, इंफोसिस और एचसीएलटेक ने सबसे अधिक दबाव बनाया है।
Why Sensex-Nifty Fall: इन 8 वजहों से मार्केट धड़ाम
मेटल स्टॉक्स की मुनाफावसूली: मार्केट को आज सबसे तगड़ा शॉक मेटल शेयरों ने दिया और निफ्टी मेटल इंडेक्स 4% तक टूट गया। बेस मेटल की ऊंची कीमतों के दम पर पिछले तीन कारोबारी दिनों से यह ऊपर ही चढ़ रहा था। केसीएम ट्रेड के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर का कहना है कि अमेरिकी फेड के अगले प्रमुख के सख्त होने की अटकलों, डॉलर की मजबूती और ओवरबॉट होने की स्थिति ने मेटल की कीमतों पर दबाव बनाया।
विदेशी निवेशकों की फिर बिकवाली: बुधवार को बिकवाली से अधिक खरीदारी के बाद जब गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने फिर से खरीदारी से अधिक बिकवाली की तो निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ। इस साल जनवरी में सिर्फ 2 जनवरी और 28 जनवरी को ही विदेशी निवेशकों ने नेट बाइंग की थी।
कच्चे तेल के भाव में उछाल: कच्ते तेल की तेजी ने मार्केट पर दबाव बनाया है जोकि उछलकर पांच महीने के हाई पर चला गया। ईरान पर अमेरिका पर हमले की आशंका ने सप्लाई प्रभावित होने का डर बना दिया जिस पर यह उबल पड़ा। ऐसे में कच्चे तेल के आय़ात पर अधिक निर्भर रहने वाले भारत समेत अन्य देशों को झटका लगा। जियोजीत के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि ब्रेंट क्रूड के $70 डॉलर तक पहुंचने से भारत की मैक्रो लेवल पर और तेल को इनपुट के रूप में इस्तेमाल करने वाले इंडस्ट्रीज को झटका लग सकता है।
बजट से पहले सतर्कता: 1 फरवरी को बजट पेश होना है तो उसके एक कारोबारी दिन पहले आज मार्केट में सतर्कता दिख रही है।
कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सेंग धड़ाम हो गया। अमेरिकी मार्केट के भी अधिकतर इंडेक्स गुरुवार को लाल बंद हुए।
India VIX में उछाल: मार्केट वोलैटिलिटी और निवेशकों के डर को मापने वाला India VIX करीब 4% उछलकर 13.85 पर पहुंच गया जिससे नियर टर्म में अनिश्चितता बढ़ने का संकेत मिला है।
आईटी शेयरों में बिकवाली: अमेरिकी मार्केट में नास्डाक पर मचे तेज हाहाकार का असर घरेलू मार्केट में भी दिखा और आईटी स्टॉक्स धड़ाम हो गए और निफ्टी आईटी करीब 2% टूट गया।
अगले फेड प्रमुख के सख्त होने की अटकलें: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि वह अगले फेड प्रमुख के नाम का शुक्रवार को ऐलान करेंगे। इनके सख्त होने की अटकलों पर गोल्ड की कीमतें 4% से अधिक टूट गईं। फेडरल रिजर्व की सख्ती आमतौर पर डॉलर को मजबूत करती है और वैश्कि स्तर पर लिक्विडिटी टाइट होती है जिससे भारत जैसे उभरते मार्केट पर असर पड़ता है। स्टोनएक्स के सीनियर एनालिस्ट मैट सिम्पसन का कहना है कि एशियाई कारोबार के दौरान यह अफवाह कि जेरोम पॉवेल की जगह केविन वार्श फेड प्रमुख बन सकते हैं, सोने पर दबाव बना दिया।
क्या कहना है एक्सपर्ट का?
जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि 25180 के सपोर्ट लेवल से निफ्टी ने रिकवरी की है। हालांकि 25400 के ऊपर जाने के बाद कंसालिडेशन फेज ने सतर्कता का माहौल बना दिया है। उनका मानना है कि 25,390–25,360 के दायरे के ऊपर नहीं टिक पाने के चलते सेंटिमेंट को झटका लगा है।
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