Pharma Stocks: फार्मा शेयरों के लिए खतरे की घंटी, ट्रंप ने 'अब तक के सबसे बड़े' टैरिफ की दी धमकी

Pharma Stocks: फार्मा कंपनियों की खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकने वाली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि फार्मास्युटिकल सेक्टर पर भी जल्द ही टैरिफ लगाए जा सकते हैं। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा, "फार्मा सेक्टर पर हम ऐसे टैरिफ लाने जा रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया

अपडेटेड Apr 04, 2025 पर 11:54 AM
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Pharma Stocks: सुबह 9:45 बजे के करीब निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2.5 फीसदी से अधिक लुढ़क गया

Pharma Stocks: ट्रंप के टैरिफ ऐलानों के बाद सबसे अधिक तेजी फार्मा कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि ट्रंप ने फार्मा कंपनियों को टैरिफ के दायरे से बाहर रखा था। लेकिन ऐसा लगता है कि फार्मा कंपनियों की यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकने वाली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि फार्मास्युटिकल सेक्टर पर भी जल्द ही टैरिफ लगाए जा सकते हैं। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा, "फार्मा सेक्टर पर हम ऐसे टैरिफ लाने जा रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।"

उन्होंने आगे कहा कि फार्मा इंडस्ट्री को एक अलग कैटेगरी के रूप में देखा जा रहा है, और इसके लिए जल्द ही एक बड़ी घोषणा की जाएगी। उन्होंने इस फैसले को निकट भविष्य में लागू करने की बात कही, जिससे संकेत मिलता है कि यह ऐलान ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करवाएगी।

इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने भी अमेरिका में फार्मा मैन्युफैक्चरिंग को वापस लाने की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा, "हमने अपनी एक अहम सप्लाई चेन को बाहरी देशों पर छोड़ दिया है। हमें अपनी जीवनरक्षक दवाओं और चिप्स को चीन में बनाना चाहिए, या फिर अमेरिका में?" उन्होंने इस पॉलिसी को 'कॉमन सेंस पॉलिसी' बताया।


इस खबर के आते ही भारतीय फार्मा शेयरों में आज 4 अप्रैल को जोरदार गिरावट देखी गई। सुबह 9:45 बजे के करीब निफ्टी फार्मा इंडेक्स 4.5 फीसदी से अधिक लुढ़क गया और सबसे अधिक गिरावट वाला सेक्टोरल इंडेक्स बन गया। हीं, अरबिंदो फार्मा, ल्यूपिन और IPCA लैब्स के शेयर 6% से ज्यादा गिर गए।

इससे पहले ट्रंप ने 2 अप्रैल को भारत समेत दुनिया के अधिकतर देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इसके तहत भारत पर 26% का 'डिस्काउंटेड' टैरिफ लगाया गया, जो पहले लगाए जाने वाले 52% टैरिफ का आधा है। हालांकि उस वक्त फार्मा सेक्टर को इस टैरिफ से छूट दी गई थी, जिसके चलते निवेशकों को काफी राहत मिली थी।

व्हाइट हाउस के आधिकारिक दस्तावेज में साफ तौर पर कहा गया था कि फार्मा प्रोडक्ट्स, कॉपर, सेमीकंडक्टर्स और लकड़ी से जुड़े सामानों को इन टैरिफ से छूट दी जाएगी। लेकिन अब ट्रंप की नई टिप्पणी ने इस सेक्टर पर एक बार फिर अनिश्चितता को पैदा कर दिया है।

एक्सपर्ट्स का भी मानना था कि चूंकि भारत से अमेरिका को बड़े पैमाने पर जेनरिक दवाएं एक्सपोर्ट होती हैं, जो कि काफी सस्ती होती है। ऐसे में फार्मा सेक्टर पर टैरिफ लगने की संभावना कम थी। लेकिन अब ट्रंप के बयान के बाद यह स्पष्ट हो रहा है कि फार्मा सेक्टर भी जल्द ही भारी टैरिफ की मार झेल सकता है।

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