Share Market Down: शेयर बाजार इन 5 कारणों से लुढ़का, सेंसेक्स 350 अंक टूटा, लगातार तीसरे दिन गिरावट
Share Market Down: भारतीय शेयर बाजारों में आज 23 सितंबर को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। शुरुआती तेजी के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए। अमेरिका की वीजा पॉलिसी में बदलाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया है
Share Market Down: इंडिया VIX इंडेक्स मंगलवार को 2.11 प्रतिशत उछलकर 10.78 पर पहुंच गया
Share Market Down: भारतीय शेयर बाजारों में आज 23 सितंबर को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। शुरुआती तेजी के बावजूद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए। अमेरिका की वीजा पॉलिसी में बदलाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर किया है।
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 147.53 अंकों की तेजी के साथ 82,307.50 तक पहुंच गया था। लेकिन बाद में यह 354.15 अंक या 0.43% फिसलकर 81,805.82 के स्तर पर आ गया। निफ्टी भी 48.5 अंक चढ़कर 25,250.85 तक गया था, लेकिन बाद में गिरकर 25,088.85 के स्तर पर आ गया, जो 113.50 अंक या 0.45% की गिरावट दिखाता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण रहे-
1) अमेरिका की वीजा पॉलिसी को लेकर चिंता
शेयर बाजार में पिछले दो जारी से गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी की H-1B वीजा पॉलिसी में बदलाव और उसके चलते आईटी शेयरों में आई कमजोरी रही है। अमेरिका ने H-1B वीजा आवेदन की फीस को बढ़ाकर 1 लाख डॉलर कर दिया है, जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट को झटका लगा है। आईटी शेयरों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है और नई पॉलिसी से उनके मुनाफे पर दबाव पड़ने की आशंका है। सोमवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 3 प्रतशित की गिरावट आई थी। आज मंगलवार को भी इसमें 0.5% की और गिरावट दर्ज की गई।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के ने रॉयटर्स को बताया, "नए H-1B वीजा फीस के बाद शेयर बाजारों में मंदी का रुख है। इस कदम से भारतीय आईटी कंपनियों के आउटसोर्सिंग मॉडल में अड़चन पैदा होने की संभावना है।" पिछले साल H-1B वीजा पाने वाले कुल लाभार्थियों में 71 प्रतिशत भारतीय थे।
2) हैवीवेट शेयरों में बिकवाली
इंडेक्स में भारी वेटेज रखने वाले शेयरों में बिकवाली से भी सेंसेक्स और निफ्टी पर भारी दबाव बना। नेस्ले इंडिया, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
3) विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 2,910 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। सितंबर महीने में अब तक वे भारतीय शेयर बाजार से करीब 13,481.74 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। इसके चलते निवेशकों के मनोबल पर असर पड़ा है।
4) भारतीय रुपये में कमजोरी
भारतीय रुपया भी आज 23 सितंबर को अमेरिकी डॉलर के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 29 पैसे टूटकर 88.53 तक गिर दया, जबकि पिछले सत्र में यह 88.31 पर बंद हुआ था। एशियाई करेंसीज की कमजोरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने रुपये को दबाव में डाला। साथ ही अमेरिकी टैरिफ और H1B वीजा फीस में $100,000 की बढ़ोतरी से भी रुपये पर दोहरी मार पड़ी है।
5) वोलैटिलिटी इंडेक्स में उछाल
शेयर बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया VIX इंडेक्स मंगलवार को 2.11 प्रतिशत उछलकर 10.78 पर पहुंच गया। यह इंडेक्स निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट का संकेत देता है।
टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी के लिए 25,200–25,000 का स्तर अहम है। उन्होंने कहा, "अगर निफ्टी 25,238 से ऊपर रहता है तो थोड़ी तेजी की उम्मीद बनी रह सकती है, लेकिन रफ्तार तभी आएगी जब यह 25,278–25,335 के ऊपर टिके।" उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा गिरावट का निचला स्तर 24,880–24,800 हो सकता है।
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