Get App

Share Markets: शेयर बाजार में इन 4 कारणों से लौटी तेजी, सेंसेक्स 800 अंक तक उछला, निफ्टी पहुंचा 24900 के पार

Share Market Rally: मंगलवार की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों ने आज बुधवार 21 मई को जोरदार वापसी की। शेयर बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों ने राहत की सांस ली। सेंसेक्स कारोबार में 800 अंकों से अधिक उछल गया। वहीं निफ्टी ने एक बार फिर 24,900 का स्तर पार कर लिया। इस तेजी की वजह से निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ

Curated By: Vikrant singhअपडेटेड May 21, 2025 पर 5:10 PM
Share Markets: शेयर बाजार में इन 4 कारणों से लौटी तेजी, सेंसेक्स 800 अंक तक उछला, निफ्टी पहुंचा 24900 के पार
Share Market Rally: कारोबार के दौरान सबसे अधिक खरीदारी फार्मा, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में देखने को मिली

Share Market Rally: तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजारों ने आज बुधवार 21 मई को जोरदार वापसी की। शेयर बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों ने राहत की सांस ली। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 835 अंकों तक उछल गया। वहीं निफ्टी 24,946 के स्तर तक पहुंच गया। इस तेजी की वजह से निवेशकों की कुल संपत्ति में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। सबसे अधिक खरीदारी फार्मा, आईटी, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट भी हरे निशान में रहे।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 410.19 अंक या 0.51 फीसदी की तेजी के साथ 81,596.63 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स 129.55 अंक या 0.52 फीसदी बढ़कर 24,813.45 के स्तर पर बंद हुआ। शेयर बाजार में लौटी इस तेजी के पीछे चार बड़े कारण रहे -

1) फार्मा स्टॉक्स की जोरदार वापसी

फार्मा शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। फार्मा सेक्टोरल इंडेक्स में 1.7% की तेजी दर्ज की गई, जबकि मंगलवार को इसमें 1.3% की गिरावट आई थी। सुबह करीब 11:30 बजे तक फार्मा इंडेक्स की 20 में से 18 कंपनियां हरे निशान में कारोबार कर रही थीं। फार्मा कंपनियों के शेयरों में यह तेजी अमेरिका के 'डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज' के एक बयान के बाद आई, जिसमें उसने हेल्थकेयर लागत को कम करने के लिए एग्जिक्यूटिव ऑर्डर को लागू करने की बात कही है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह फैसला ब्रांडेड दवाओं को टारगेट करता है और इसका असर जेनेरिक या बायोसिमिलर उत्पादों पर नहीं पड़ेगा। इससे भारतीय फार्मा कंपनियों को राहत मिली है, खासकर उन कंपनियों को जिनकी अमेरिका में बड़ी हिस्सेदारी है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें