Winsol Engineers Shares: सोलर और विंड पावर जेनेरेट करने वाली कंपनियों को सर्विसेज मुहैया कराने वाली विनसॉल इंजीनियर्स को पिछले महीने के आखिरी दिनों में तगड़ा ऑर्डर मिला था। इसके चलते एक दिन की मुनाफावसूली के बाद फिर शेयरों ने रॉकेट की स्पीड पकड़ ली। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में खुलासा किया था कि 29 मार्च को इसे अदाणी ग्रीन एनर्जी से 2.2 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। इस खुलासे के अगले कारोबारी दिन यानी 1 अप्रैल को विनसॉल इंजीनियर्स के शेयर करीब 15 फीसदी उछल गए। अगले दिन 2 अप्रैल को मुनाफावसूली के चलते भाव 4 फीसदी से अधिक फिसल गए लेकिन आज फिर यह इंट्रा-डे में 3.91 फीसदी उछलकर 195.25 रुपये पर पहुंच गया। आज एनएसई एसएमई पर यह 3.70 फीसदी की बढ़त के साथ 194.85 रुपये पर बंद हुआ है।
कैसा ऑर्डर मिला है Winsol Engineers को?
विनसॉल इंजीनियरिंग ने एक्सचेंज फाइलिंग में जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक गुजरात के खावड़ा में इसे PSS-03 से PSS-13 कनेक्शन के लिए KPS-01 के पास 400केवी ट्रांसमिशन लाइन वर्क के 7 टावर लगाने हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट करीब 2,20,54,332 रुपये का है और कंपनी को उम्मीद है कि इससे उसका कस्टमर बेस मजबूत होगा और कारोबारी ग्रोथ को बड़ा सपोर्ट मिलेगा। हाल ही में कंपनी ने ऐलान किया था कि इसे सेम्बकॉर्प ग्रुप से वीजी64 की सप्लाई और इससे जुड़ी सर्विसेज मुहैया कराने के लिए करीब 2.71 करोड़ रुपये के दो इंक्रीमेंटल पर्चेड ऑर्डर्स और दो इंक्रीमेंटल वर्क ऑर्डर्स मिले थे। अब इसके पास कुल 11.01 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स हैं।
11 महीने पहले हुई थी स्टॉक मार्केट में एंट्री
विनसॉल इंजीनियर्स विंड और सोलर पावर जेनेरेट करने वाली कंपनियों को सर्विसेज मुहैया कराती है। इसका कारोबार देश के 9 से अधिक राज्यों में फैला हुआ है। इसके शेयरों की घरेलू स्टॉक मार्केट में पिछले साल 14 मई 2024 को एनएसई एसएमई पर एंट्री हुई थी। पहले ही दिन इसने धमाका कर दिया था और इसका 75 रुपये का शेयर 365.00 रुपये पर लिस्ट हुआ था जिसके बाद उछलकर यह 383.25 रुपये पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ था।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।