Wipro Shares: विप्रो के शेयर एक झटके में 9% टूटे, तिमाही नतीजों के बाद गिरावट; अब खरीदें, बेचें, या करें होल्ड?

Wipro Share Price: दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो के शेयरों में सोमवार 19 जनवरी को तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 9% तक टूटकर 241.55 रुपये के स्तर पर आ गए। यह गिरावट कंपनी के दिसंबर तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद आई। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली ने इन तिमाही नतीजों के बाद विप्रो के शेयरों की रेटिंग घटा दी है

अपडेटेड Jan 19, 2026 पर 10:17 AM
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Wipro Share Price: विप्रो के ADR भी शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर 7.4% टूटकर बंद हुए थे

Wipro Share Price: दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो के शेयरों में सोमवार 19 जनवरी को तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर 9% तक टूटकर 241.55 रुपये के स्तर पर आ गए। यह गिरावट कंपनी के दिसंबर तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद आई। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली ने इन तिमाही नतीजों के बाद विप्रो के शेयरों की रेटिंग घटा दी है। कई दूसरे ब्रोकरेज फर्म भी इस स्टॉक को लेकर अपने अनुमानों में कटौती की है, जिसके चलते इसके शेयरों पर दबाव देखा गया।

मॉर्गन स्टैनली ने विप्रो की रेटिंग को पहले की “इक्वलवेट” रेटिंग से घटाकर “अंडरवेट” कर दिया है और साथ ही शेयर का टारगेट प्राइस भी 270 रुपये से घटाकर 242 रुपये कर दिया है।

मॉर्गन स्टैनली ने क्यों घटाई रेटिंग?

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बीते एक साल में बेहतर डील विन्स और मजबूत मार्जिन प्रदर्शन के चलते विप्रो ने अपनी राइवल कंपनियों के मुकाबले प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल गैप काफी हद तक कम कर लिया था। हालांकि, अब कंपनी की चौथी तिमाही (Q4) के लिए दी गई गाइडेंस यह संकेत देती है कि डील्स का रेवेन्यू में बदलना अपेक्षा से धीमा हो रहा है। इसके अलावा, नए वित्त वर्ष के लिए ग्रोथ विजिबिलिटी भी अपने आईटी साथियों के मुकाबले कमजोर दिखाई दे रही है।


मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि इसी वजह से विप्रो का P/E मल्टीपल डिस्काउंट अब फिर से बढ़ सकता है, जो हाल के महीनों में कम हुआ था।

Q4 गाइडेंस ने बढ़ाई चिंता

विप्रो ने दिसंबर तिमाही के नतीजों के साथ चौथी तिमाही के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 0% से 2% के बीच रहने का अनुमान दिया है। यह अनुमान बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहा, क्योंकि एनालिस्ट्स पहले 1% से 3% की ग्रोथ मानकर चल रहे थे। इसी कमजोर गाइडेंस को शेयर में तेज गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है।

Jefferies भी सतर्क

सिर्फ मॉर्गन स्टैनली ही नहीं, बल्कि ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भी विप्रो पर अपना नेगेटिव रुख बनाए रखा है। जेफरीज ने स्टॉक पर “अंडरपरफॉर्म” की रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 220 रुपये तय किया है।

जेफरीज का कहना है कि कमजोर डील बुकिंग और प्रोजेक्ट्स के रैम्प-अप में देरी के चलते मार्च तिमाही के लिए ग्रोथ गाइडेंस उम्मीद से कम रही है। ब्रोकरेज को यह भी आशंका है कि हालिया अधिग्रहणों और नई डील्स के पूरी तरह रैम्प-अप होने तक कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।

एनालिस्ट कवरेज में भी बंटी राय

विप्रो के शेयर को कवर करने वाले कुल 47 एनालिस्ट्स में से सिर्फ 11 एनालिस्ट “Buy” रेटिंग देते हैं। वहीं, 21 एनालिस्ट “Hold” की सलाह दे रहे हैं और 15 एनालिस्ट्स ने “Sell” रेटिंग दे रखी है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि बाजार में Wipro को लेकर राय काफी बंटी हुई है।

शेयर और ADR का हाल

सोमवार को भारतीय बाजार में Wipro के शेयर 9.3% की गिरावट के साथ 242.8 रुपये के आसपास ट्रेड करते दिखे। इससे पहले, अमेरिका में सूचीबद्ध विप्रो के ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स) भी शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर 7.4% टूटकर बंद हुए थे।

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