महायुति की बंपर जीत का बाजार में जोरदार जश्न चल रहा है। आज निफ्टी करीब 400 अंक ऊपर है तो सेसेक्स 1100 अंक तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। शुक्रवार को भी बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। दरअसल बाजार को लग रहा है कि महायुति के आने के बाद रिफॉर्म की गाड़ी जोर पकड़ेगी और सरकार अपने खर्च बढ़ाएगी। वैसे भी महाराष्ट्र देश का सबसे समृद्ध और बड़ा इंडस्ट्रियल राज्य है। आइए देखते हैं कि किन- किन सेक्टर को इस जीत का फायदा मिल सकता है।
महायुति की जीत से फोकस में हैं सेक्टर
महायुति की लाडकी बहिन योजना के तहत 2100 रुपए हर महीने दिए जाएं। लाडकी बहिन योजना से कंज्म्प्शन को मेगा बूस्ट मिलेगा। इससे FMCG और माइक्रोफाइनेंस सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलेगा। 50 लाख लखपति दीदी के वादे से रुरल खर्च बढ़ेगा। कोटक का कहना है कि महाराष्ट्र की जीत से सेटिंमेंट सुधरेंगे। अब मोदी सरकार का डेवलपमेंट एजेंडा आगे बढ़ेगा। इससे फिस्कल कंसोलिडेशन पर खास असर नहीं होगा। वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद है। अब नए रिफॉर्म के बजाय नीतियों को लागू करने पर फोकस होगा।
रियल एस्टेट को मिलेगा फायदा
महायुति की सरकार वापसी से रियल सेक्टर को भी फायदा मिलेगा। इस सरकार की नीतियों से रीडेलवपमेंट में तेजी आने की उम्मीद है। मुंबई से जुड़ीं रियल्टी कंपनियां फोकस में रहेंगी। इंफ्रा पर भी फोकस बढ़ेगा 2028 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लक्ष्य से इंफ्रा सेक्टर को फायदा होगा।
राज्य और केंद्र दोनों कैपेक्स बढ़ाएंगी। कैपेक्स बढ़ने से PSU सेक्टर को फायदा होगा। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि हरियाणा और महाराष्ट्र इलेक्शन से BJP को बूस्ट मिला है। अब सरकार का फोकस कैपेक्स पर हो सकता है। पहली छमाही में सरकारी खर्च सालाना आधार पर फ्लैट रहे थे। चुनाव और रुरल स्पेंडिंग में रिकवरी से डिमांड सुधरेगा।
फोकस में BJP का संकल्प पत्र
बीजेपी के संकल्प पत्र में डिफेंस पर फोकस की बात कही गई है। विदर्भ-मराठवाड़ा डिफेंस सर्किट कॉरिडोर बनाने का वादा किया गया है। नाशिक को अगला IT हब बनाने का भी वादा किया है। ऐसे में आगे डिफेंस और आईटी पर बाजार का फोकस रह सकता है।