Yes Bank का शेयर इस हफ्ते 10.11 फीसदी चढ़ा। सिर्फ शुक्रवार को इसमें 2.80 फीसदी उछाल आया। इसकी वजह यह खबर रही कि दो प्राइवेट इक्विटी फर्म यस बैंक में निवेश करने वाले हैं। यस बैंक का बिजनेस पटरी पर लौट रहा है। आज (23 जुलाई) यस बैंक के जून तिमाही के नतीजे आएंगे।
इस महीने की शुरुआत में बैंक ने बताया था कि साल दर साल आधार पर उसके लोन बुक की ग्रोथ 14 फीसदी और डिपॉजिट ग्रोथ 18 फीसदी रही है। बैंक का लोन बुक बढ़कर 1,86,598 करोड़ रुपये हो गया है। एक साल पहले यह 1,63,654 करोड़ रुपये था।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यस बैंक के जून तिमाही के नतीजे बेहतर रहने की उम्मीद है। बैंक के नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स में भी कमी आने की उम्मीद है। यह 1.5 से 2 फीसदी के बीच रह सकता है। इससे बैंक को नए इनवेस्टर्स अट्रैक्ट करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि असल तस्वीर जून तिमाही के नतीजों के बाद ही मिलेगी। यस बैंक के शेयर को 13.80 और 13.20 पर सपोर्ट हासिल है। 15.50 से 15.80 रुपये इसका रेसिस्टेंस लेवल है। अगर यह शेयर 16.20 से ऊपर बंद होने में कामयाब हो जाता है तो इसमें अच्छी तेजी देखने को मिलेगी।
ब्रोकरेज फर्म निर्मल बंग का कहना है कि यस बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 34.3 फीसदी बढ़कर 1,8830.30 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। इसके बावजूद बैंक को 150.70 करोड़ रुपये का लॉस हो सकता है।
एमके ग्लोबल ने यस बैंक का नेट प्रॉफिट 275.40 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है। उसने बैंक का एनआईआई 30.6 फीसदी बढ़कर 1,831.90 करोड़ रुपये पहुंच जाने का अनुमान जताया है।
प्राइवेट इक्विटी फर्म Carlyle और Advent यस बैंक में हिस्सेदारी खरीद सकते हैं। यह डील करीब 1 अरब डॉलर में हो सकती है। यस बैंक को पूंजी की जरूरत है। वह लंबे समय से हिस्सेदारी बेचकर पूंजी जुटाने की कोशिश कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि कार्लाइल और एडवेंट के टॉप लेवल के अधिकारियों ने इस हफ्ते यस बैंक और एसबीआई के सीनियर मैनेजमेंट से बातचीत की है। एसबीआई की यस बैंक में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। बताया जाता है कि इस बारे में RBI के अधिकारियों से भी बातचीत हुई है।