यस बैंक के शेयर 17 अक्टूबर को करीब 4 फीसदी क्रैश कर गए। इसकी वजह सिमीटोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (एसमबीसी) का एक बयान है। एसएमबीसी ने कहा कि उसका यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी 24.99 फीसदी से बढ़ाने का तुरंत कोई प्लान नही है। यस बैंक के शेयर सुबह में 23.18 रुपये पर खुले। लेकिन, बाद में उनमें बिकवाली देखी गई, जिससे शेयर काफी टूट गए। कारोबार के दौरान शेयरों पर काफी दबाव देखने को मिला।
एसएमबीसी ग्रुप का यस बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने का प्लान नहीं
SMBC Group के इंडिया डिवीजन के हेड और ग्रुप एग्जिक्यूटिव अफसर राजीव कानन ने रायटर्स को बताया कि एसएमबीसी ग्रुप का फोकस Yes Bank के बोर्ड में अपने कंट्रिब्यूशन पर है, क्योंकि यह बैंक का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है। ग्रुप यस बैंक में एग्जिक्यूटिव रोल नहीं निभाना चाहता। उन्होंने कहा, "हम 24.99 फीसदी के मौजूदा स्तर से यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी नहीं बढ़ाना चाहते। हिस्सेदारी की लिमिट रेगुलेटर की तरफ से तय है।"
अभी यस बैंक में एसएमबीसी ग्रुप की 24.2 फीसदी हिस्सेदारी
उन्होंने कहा, "अभी कई ऐसी चीजें हैं, जिन पर यस बैंक को काम करने की जरूरत है। हमें इस पर ध्यान रखने की जरूरत है कि उन चीजों पर बैंक ने फोकस करने का जो प्लान बनाया है, उन पर अमल हो रहा है।" अभी यस बैंक में एसएमबीसी की हिस्सेदारी 24.2 फीसदी है। 17 अक्टूबर को एक समय यस बैंक का शेयर 4.3 फीसदी तक गिरकर 22.12 रुपये पर आ गया था। लेकिन, बाद में यह थोड़ा संभलने में सफल रहा। यह 3.37 फीसदी गिरकर 22.34 रुपये पर बंद हुआ।
25 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी पर लाना होगा ओपन ऑफर
सेबी के नियम के मुताबिक, अगर कोई कंपनी किसी दूसरी कंपनी में 25 फीसदी या इससे ज्यादा हिस्सेदारी हासिल करती है तो उसे ओपन ऑफर पेश करना पड़ता है। यह पब्लिक शेयरहोल्डर्स से अतिरिक्त 26 फीसदी शेयर खरीदने के लिए होता है। इससे हिस्सेदारी खरीदने वाली कंपनी की कुल शेयरहोल्डिंग बढ़कर 51 फीसदी तक पहुंच जाती है। एनालिस्ट्स को उम्मीद थी कि एसएमबीसी यस बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएगा और ओपन ऑफर पेश करेगा।
आरबीआई ने अगस्त में दी थी 24.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की इजाजत
एसएमबीसी को अगस्त में आरबीआई से यस बैंक में 24.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की इजाजत मिली थी। आरबीआई ने उसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और सात दूसरे शेयरहोल्डर्स से यह हिस्सेदारी खरीदने की इजाजत दी थी। एसएमबीसी ने मई में 1.6 अरब डॉलर में यस बैंक में 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की एक डील की थी। इसे फाइनेंशियल सेक्टर में किसी विदेशी कंपनी की बड़ी डील मानी गई थी। यस बैंक का शेयर बीते 6 महीनों में 23% से ज्यादा चढ़ा है।