शेयर बाजार BMC चुनाव के चलते बंद! जीरोधा के नितिन कामत ने लगाई लताड़, समीर अरोड़ा ने दिया जवाब

मुंबई में हो रहे स्थानीय निकाय चुनावों के चलते भारतीय शेयर बाजार आज 15 जनवरी को बंद हैं। हालांकि स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म जीरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत इस बंद से खुश नहीं है। कामत ने मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद रखने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे “खराब योजना” करार दिया

अपडेटेड Jan 15, 2026 पर 2:41 PM
Story continues below Advertisement
नितिन कामत ने कहा कि ऐसे फैसलों के दूरगामी असर को गंभीरता से नहीं समझा जा रहा है

मुंबई में हो रहे स्थानीय निकाय चुनावों के चलते भारतीय शेयर बाजार आज 15 जनवरी को बंद हैं। हालांकि स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म जीरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत इस बंद से खुश नहीं है। कामत ने मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद रखने के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे “खराब योजना” करार दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में नितिन कामत ने कहा कि मुंबई जैसे शहर के स्थानीय चुनावों के लिए ट्रेडिंग रोकना भारत के शेयर बाजारों की ग्लोबल स्तर पर छवि को कमजोर करता है। खासकर तब जब भारतीय बाजार पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट्स से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि किसी स्थानीय चुनाव के लिए स्टॉक एक्सचेंज बंद करना इस बात का संकेत है कि ऐसे फैसलों के दूरगामी असर को गंभीरता से नहीं समझा जा रहा है। खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच भारत की साख पर पड़ने वाले प्रभाव को।


कामत ने दिवंगत निवेशक और वॉरेन बफे के लंबे समय तक बिजनेस पार्टनर रहे चार्ली मगंर का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की छुट्टियां इसलिए भी बनी रहती हैं क्योंकि मौजूदा व्यवस्था को चुनौती देने के लिए कोई ठोस प्रोत्साहन नहीं होता। उनके मुताबिक, यही सोच एक वजह है कि ग्लोबल निवेशक आज भी भारतीय बाजारों को उतनी गंभीरता से नहीं लेते, जितना वे दूसरे देशों के बाजारों को लेते हैं।

समीर अरोड़ा का जवाब

नितिन कामत की इस आलोचना पर हेलियोस कैपिटल (Helios Capital) के फाउंडर और फंड मैनेजर समीर अरोड़ा ने पलटवार किया। अरोड़ा ने सवाल उठाया कि अगर ऐसे बाजार बंद होने से वाकई कोई फर्क नहीं पड़ता, तो असल में इससे प्रभावित कौन होता है?

उन्होंने यह भी कहा कि यही तर्क तब भी लागू होना चाहिए जब बाजार गैर-वर्किंग दिवसों पर खोले जाते हैं, जैसे कि यूनियन बजट के दौरान रविवार को। इसके अलावा, अरोड़ा ने विदेशी निवेशकों के साथ निष्पक्षता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत में 1 जनवरी जैसे दिन बाजार खुले रहते हैं, जबकि दुनिया के कई हिस्सों में उस दिन अवकाश होता है, तो यह विदेशी निवेशकों के लिए असमान स्थिति पैदा करता है।

15 जनवरी को बाजार क्यों बंद रहे?

15 जनवरी को महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के चलते Bombay Stock Exchange (BSE) और NSE दोनों बंद रहे। इस दौरान इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडिंग पूरी तरह बंद रही। कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में सुबह का सत्र बंद रहा, जबकि शाम के सत्र में ट्रेडिंग दोबारा शुरू होनी थी।

दोनों एक्सचेंजों पर सामान्य कारोबार शुक्रवार, 16 जनवरी से फिर शुरू होना तय है।

बाजार का हाल

इस बीच, 14 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, आईटी और रियल्टी शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव डाला, जबकि मेटल, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली। निवेशक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों की वैधता पर आने वाले फैसले से पहले सतर्क नजर आए।

यह भी पढ़ें- Paytm में पहली बार कम हुई Mutual Funds की हिस्सेदारी, लगातार सातवीं तिमाही खुदरा निवेशकों ने बेचे शेयर

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।