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ब्रोकर्स अब कभी नहीं कर पाएंगे यह काम, सेबी के नए नियम पर बोले जीरोधा के नितिन कामत

Zerodha's View on SEBI's New Direct Payout Rule: शेयरों की खरीद-बिक्री का हिसाब-किताब खटाखट करने का सिस्टम पहले इसी महीने 14 अक्टूबर से लागू होना था लेकिन सेबी ने अब इसकी टाइमलाइन आगे खिसका दी है। अब यह नियम अगले महीने 11 नवंबर से लागू होगा। इस नए नियम को लेकर दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर नितिम कामत ने ये बातें कही हैं

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 12, 2024 पर 7:57 AM
ब्रोकर्स अब कभी नहीं कर पाएंगे यह काम, सेबी के नए नियम पर बोले जीरोधा के नितिन कामत
ब्रोकरेज फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर नितिम कामत का कहना है कि नए सिस्टम में शेयरों के ट्रांसफर में ब्रोकर्स की भूमिका काफी हद तक कम हो जाएगी और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।

Zerodha's View on SEBI's New Direct Payout Rule: शेयरों की खरीद-बिक्री का हिसाब-किताब खटाखट करने का सिस्टम पहले इसी महीने 14 अक्टूबर से लागू होना था लेकिन सेबी ने अब इसकी टाइमलाइन आगे खिसका दी है। अब यह नियम अगले महीने 11 नवंबर से लागू होगा। इस नए नियम को लेकर दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर नितिम कामत का कहना है कि इस बदलाव से शेयरों के ट्रांसफर में ब्रोकर्स की भूमिका काफी हद तक कम हो जाएगी और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी। नितिन कामत ने इसे लेकर ट्वीट में लिखा है कि अभी शेयरों के ट्रांसफर में काफी रिस्क शामिल है लेकिन जब सेबी का नया नियम लागू हो जाएगा तो यह काफी हद तक कम हो जाएगा।

क्या है सेबी का नया डायरेक्ट पेआउट नियम?

डायरेक्ट-पेआउट सिस्टम के तहत क्लियरिंग कॉरपोरेशंस निवेशकों के खाते में सीधे शेयर ट्रांसफर कर देगा। मौजूदा सिस्टम के तहत अभी शेयर ब्रोकर्स के पास रहते हैं और फिर क्लाइंट के डीमैट खाते में शेयरों को ट्रांसफर किया जाता है। सेबी ने इस सिस्टम का ऐलान 5 जून 2024 को किया था। इस नियम को इसलिए लाया गया था ताकि क्लाइंट्स के शेयरों को ब्रोकर्स से अलग रखा जा सके और शेयरों के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। इससे ब्रोकर्स के पास शेयरों की पूलिंग बंद हो जाएगी। पहले यह नियम 14 अक्टूबर को लागू होना था लेकिन अब यह 11 नवंबर को लागू होगा।

हालांकि यह चरणबद्ध तरीके से लागू होने वाली प्रक्रिया है यानी कि पहले तो यह सभी इक्विटी कैश सेगमेंट्स और फिजिकल सेटलमेंट्स के लिए लागू होगा। फिर 14 जनवरी 2025 से सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) और ऑफर फॉर सेल के लिए भी लागू हो जाएगा और पूरी तरह से डायरेक्ट पेआउट सिस्टम लागू हो जाएगा।

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