Electric scooters अगले कुछ साल में हो सकते हैं 45 हजार रुपये तक महंगे : रिपोर्ट

क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, किफायती होने, कई मॉडल्स की उपलब्धता और घर पर चार्जिंग के आसान विकल्पों के कारण Electric scooters को बड़े स्तर पर अपनाने का क्रम जारी रहेगा

अपडेटेड Mar 03, 2022 पर 11:32 AM
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वर्ष 2020 की तुलना में 2021 में इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स की कुल सेल्स में 132 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है

Electric scooters : आने वाले तीन साल में इलेक्ट्रिक स्कूटर 45 हजार रुपये तक महंगे हो सकते हैं। क्रिसिल (Crisil report) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों की तरफ रुझान बढ़ने से वित्त वर्ष 2025 तक इनकी कीमत 45,000 रुपये तक बढ़ सकती है, जिसकी भरपाई इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से की जा सकती है।

किफायती होने, कई मॉडल्स की उपलब्धता और घर पर चार्जिंग के आसान विकल्पों के कारण ईवी को बड़े स्तर पर अपनाने का क्रम जारी रहेगा।

ई-टू व्हीलर कंपनियों के टर्नओवर तेजी से बढ़ा


यह सेंटीमेंट ई-टू व्हीलर कंपनियों के टर्नओवर में तेज बढ़ोतरी से भी जाहिर होता है। जॉय ई-बाइक (Joy e-bike) नाम से ई-टू व्हीलर बनाने वाली वार्डविजार्ड (WardWizard) ने देश में डिमांड में बढ़ोतरी के दम पर फरवरी, 2022 में व्हीकल के 4,450 यूनिट्स की बिक्री की, जो फरवरी, 2021 की तुलना में 1,290 फीसदी ज्यादा है।

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मौजूदा वित्त वर्ष (अप्रैल-फरवरी, वित्त वर्ष 2022) में कंपनी ने 25,000 यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया। एक अन्य कंपनी हीरो इलेक्ट्रिक (Hero Electric) भारत में पहला लिथियम आयन बेस्ड (lithium-ion-based) ई-स्कूटर्स विकसित किया और लॉन्च किया है। कंपनी अभी तक 4.5 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स बेच चुकी है।

2021 में 132 फीसदी बढ़ी बिक्री

वर्ष 2020 की तुलना में 2021 में हाई-स्पीड और लो- स्पीड सहित इलेक्ट्रिक टू व्हीलर्स की कुल सेल्स में 132 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हालांकि, क्रिसिल रिपोर्ट बताती है कि ईवी की बिक्री में बढ़ोतरी मुख्य रूप से नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान के तहत फेम स्कीम (FAME scheme) और विभिन्न राज्यों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी से संभव हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन इंसेंटिव्स ने एक पारंपरिक इंटरनल कंबस्टन इंजन (ICE) व्हीकल और एक ईवी की खरीद लागत के बीच के अंतर की भरपाई करते हैं।

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फेम के तहत 85 फीसदी हुआ इंसेंटिव

FAME के पहले चरण के तहत कुल 60-65 फीसदी की तुलना में यह इंसेंटिव फेम के दूसरे चरण के तहत 85 फीसदी हो गया है। क्रिसिल के एनालिसिस के मुताबिक, पिछले कुछ वित्त वर्षों में ईवी की सेल्स पर सब्सिडी वित्त वर्ष 2017 के लो बेस की तुलना में और महामारी के बावजूद तेजी से बढ़ी (ज्यादातर सेगमेंट में सालाना आधार पर 20 फीसदी से ज्यादा) है। फेम इंसेंटिव के चलते, वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2023 में ICE वैरिएंट्स की तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कुल अधिग्रहण लागत (TCA) 7,500-9,500 रुपये कम पडेगी। इसे देखते हुए अगले कुछ साल में सेल्स में बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे FAME II सब्सिडी वित्त वर्ष 2023 में खासी बढ़ सकती है।

 

 

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