सरकार ने इलेक्ट्रिक कंपनियों को कोई भी नया टू-व्हीलर लॉन्च करने से रोका, आग लगने की घटनाओं के बीच उठाया कदम

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग (EV Fires) लगने की हाल में कई घटनाएं देश भर में सामने आई हैं, इसी के बाद केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है

अपडेटेड Apr 28, 2022 पर 10:39 PM
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इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियां को अपने मौजूदा मॉडल्स को बेचने पर कोई रोक नहीं है

सरकार ने सभी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (Electric Two-Wheeler) ब्रांड्स को बाजार में कोई भी नया प्रोडक्ट नहीं लॉन्च करने को कहा है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग (EV Fires) लगने की हाल में कई घटनाएं देश भर में सामने आई हैं। इसी के बाद केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है। सड़क परविहन मंत्रालय ने हाल ही में दिल्ली में एक बैठक की थी, जिसमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग लगने के बढ़ते मामलों और इससे लोगों की जान को सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई थी।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियां को अपने मौजूदा मॉडल्स को बेचने पर कोई रोक नहीं है। हालांकि आग की बढ़ती घटनाओं की जांच करने के लिए कई कंपनियों ने अपने मॉडल को बाजार से वापस बुलाया है। ओकिनावा (Okinawa) ने सबसे अधिक 3,215 इलेक्ट्रिक स्कूटरों को वापस बुलाया है। वहीं प्योर EV ने भी काफी संख्या में अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर को वापस बुलाया है। ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने अपने 1,441 स्कूटरों को वापस बुलाया है।

प्योर EV के इलेक्ट्रिक स्कूटरों में पिछले साल से आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं Ola Electric के स्कूटर में सिर्फ पुणे में एक आग लगने की घटना सामने आई है।


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केंद्रीय सड़क परविहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने आग लगने की घटनाओं के बाद सभी इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनियों को अपने मॉडल को वापस बुलाने और उनकी जांच करने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं करने पर कंपनियों को भारी जुर्माने का भी सामना करना पड़ सकता है। इसी के बाद कंपनियों ने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को वापस बुलाया है।

निर्देशों के तहत जिन ब्रांड्स में अभी तक बैटरी से जुड़ी कोई समस्या नहीं आई है, उन्हें भी इस साल कोई ई-स्कूटर्स नहीं लॉन्च करने को कहा गया है। यह अभी तक सिर्फ एक मौखिक निर्देश है, ऐसे में यह देखना होगा कि ब्रांड्स इसे लेकर किस तरह का रुख अपनाते हैं।

सरकार आग लगने की घटनाओं की जांच करने के लिए एक अथॉरिटी बनाने पर विचार कर रही है और उसे इस निर्देश से अथॉरिटी बनाने के लिए कुछ और समय मिल जाएगा। सरकार का यह कदम जहां ब्रांड्स को तेजी से और ई-स्कूटर्स के अधिक संभावित खतरनाक वर्जन लॉन्च करने से रोकेगा। वहीं यह ब्रांड्स को अपने पुराने फीके प्रोडक्ट को बेहतर प्रोडक्ट से बदलने से भी रोकेगा। इसके अलावा भारत के बाजार में एंट्री की तैयारी कर रहे कई EV ब्रांड्स को भी इससे झटका लग सकता है।

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