देश भर में चार्जिंग स्टेशंस बनाएगी Tata कंपनी, लेकिन इन खास जगहों पर ही

Tata Group News: टाटा देश भर में चार्जिंग स्टेशंस बनाएगी। इसके लेकर टाटा ग्रुप की टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने शेल इंडिया मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक नॉन-बाइंडिंग मेमोरेंडम ऑफ अंडरटेकिंग (MoU) पर साइन किए हैं। दोनों ही कंपनियां अपनी-अपनी मजबूती और रिसोर्सेज का इस्तेमाल करते हुए रेंज से जुड़ी चिंता और चार्जिंग की पहुंच जैसी चुनौतियों का समाधान करेगी जिसके चलते इलेक्ट्रिक गाड़ियों तो तेजी से लोग अपना नहीं रहे हैं

अपडेटेड Apr 11, 2024 पर 3:46 PM
टाटा और शेल की कंपनी के साथ आने से इकनॉमिक ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा और ईवी सेक्टर में रोजगार के मौके तैयार होंगे। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से कंस्ट्रक्शन, मेंटेनेंस और ऑपरेशंस में रोजगार के मौके तैयार होंगे ही, यह इससे जुड़ी इंडस्ट्रीज में इनोवेशन और आंत्रप्रेन्योरिशिप को भी बढ़ावा देगा। (File Photo- Pexels)

Tata Group News: टाटा देश भर में चार्जिंग स्टेशंस बनाएगी। इसके लेकर टाटा ग्रुप की टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने शेल इंडिया मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक नॉन-बाइंडिंग मेमोरेंडम ऑफ अंडरटेकिंग (MoU) पर साइन किए हैं। दोनों ही कंपनियां अपनी-अपनी मजबूती और रिसोर्सेज का इस्तेमाल करते हुए रेंज से जुड़ी चिंता और चार्जिंग की पहुंच जैसी चुनौतियों का समाधान करेगी जिसके चलते इलेक्ट्रिक गाड़ियों तो तेजी से लोग अपना नहीं रहे हैं। ईवी गाड़ियों की सुस्त बिक्री की एक अहम वजह चार्जिंग स्टेशंस की किल्लत है। इस साझोदारी के तहत दोनों कंपनियां इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करेगी। दोनों कंपनियों की योजना सहूलियत के हिसाब से पेमेंट सिस्टम्स और लॉयल्टी प्रोग्राम भी शुरू करने की है।

Tata और Shell, कहां बनाएंगे चार्जिंग स्टेशंस?

दोनों के बीच साझेदारी से शेल के देश भर में फैले फ्यूल स्टेशन नेटवर्क और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के पास मौजूद भारतीय सड़कों पर दौड़ रही टाटा की 1.4 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिटेल्स से चार्जिंग स्टेशंस का जाल बिछाया जाएगा। टाटा कंपनी का कहना है कि जहां पर टाटा की इलेक्ट्रिक गाड़ियों के मालिक बार-बार जाते हैं, वहां चार्जर्स सेटअप किए जाएंगे।


टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों के मामले में मार्केट की 71 फीसदी हिस्सेदारी है। इसने गुरुग्राम में अपना पहला ईवी-एक्सक्लूसिव स्टोर पेश किया। कंपनी ने देश के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए कई चार्ज प्वाइंट ऑपरेटरों के साथ भी काम किया है। वहीं दूसरी तरफ शेल इंडिया वैश्विक स्तर पर दिग्गज एनर्जी कंपनी शेल की सब्सिडियरी है। इसके पास एनर्जी सॉल्यूशंस और इंफ्रा डेवलपमेंट में महारत हासिल है। शेल के ईवी रिचार्ज लोकेशन पर 98%-99% चार्जर अपटाइम के साथ अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग मिलता है।

रोजगार के मौके होंगे तैयार, सरकार के लक्ष्य को भी पूरा करने में मिलेगी मदद

टाटा और शेल की कंपनी के साथ आने से इकनॉमिक ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा और ईवी सेक्टर में रोजगार के मौके तैयार होंगे। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से कंस्ट्रक्शन, मेंटेनेंस और ऑपरेशंस में रोजगार के मौके तैयार होंगे ही, यह इससे जुड़ी इंडस्ट्रीज में इनोवेशन और आंत्रप्रेन्योरिशिप को भी बढ़ावा देगा। इस साझेदारी से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने और गाड़ियों से निकलने वाले उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य को सपोर्ट मिलेगा।

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