आईफोन (iPhone) कंपनी एपल (Apple) की सिरी पर जासूसी का आरोप लगा है। इस मामले में यह मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है। आरोपों के मुताबिक सिरी (Siri) गुप्त रूप से आपकी बातचीत को रिकॉर्ड करती है। कंपनी ने हालांकि इन आरोपों को स्वीकार तो नहीं किया है लेकिन न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक केस सेटलमेंट के लिए यह 9.5 करोड़ डॉलर (करीब 815 करोड़ रुपये) चुकाने के लिए तैयार हो गई है। यह केस पिछले पांच साल से चल रहा था। इसमें एपल पर आरोप था कि बिना यूजर्स की अनुमति के सिरी काम करती रहती थी और उनकी बातचीत रिकॉर्ड करती थी। सिरी ने यह काम तब भी किया, जब यूजर ने 'हे सिरी' कहकर उसे एक्टिवेट नहीं किया।
Apple के सभी प्रोडक्ट्स पर Siri ने की जासूसी?
मुकदमे के मुताबिक एपल ने करीब दस साल तक गुप्त रूप से आईफोन, आईपैड और वॉइस असिस्टेंट से लैस दूसरे भी डिवाईसेज पर भी सिरी के जरिए लोगों की बातचीत रिकॉर्ड की। इन रिकॉर्डिंग्स को कंपनी ने थर्ड पार्टी एडवाइजर्स के साथ साझा किया जिससे उन्हें अपने ऐड के लिए टारगेट ऑडिएंस मिल सकें। यह यूजर्स के पर्सनल डेटा की प्राइवेसी और उसे सुरक्षित रखने के एपल के दावे का खंडन करती है और इस मुकदमे का आधार भी यही बना।
सिरी की जासूसी को एपल ने स्वीकार तो नहीं किया है लेकिन एपल पांच साल से चल रहे इस मुकदमे को खत्म करने के लिए 9.5 करोड़ डॉलर चुकाने पर राजी हुई है। अब अगर इस सेटलमेंट को कोर्ट से मंजूरी मिसलती है तो सितंबर 2024 से वर्ष 2023 के आखिरी तक जिनके भी पास सिरी से लैस आईफोन, आईपैड इत्यादि थे, उन्हें मुआवजा मिल सकता है। जो मुआवजा के हकदार होंगे, उन्हें इस दौरान हर डिवाइस पर 20 डॉलर (1715.72 रुपये) तक का मुआवजा मिल सकता है। हालांकि आखिरी राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने क्लेम आए।
यह सेटलमेंट 2014 से लेकर अब तक एपल के 70.5 हजार करोड़ डॉलर के मुनाफे की तुलना में बहुत कम है। कंपनी ने गलती नहीं मानी लेकिन मुआवजे के लिए तैयार हो गई क्योंकि यह मामला कोर्ट में चला तो लंबे समय तक चल सकता है और खर्च भी बहुत बैठ जाएगा। कानूनी जानकारों के मुताबिक कोर्ट में केस चला तो 150 करोड़ डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में कंज्यूमर का पक्ष रख रहे अटॉर्नीज को 2.96 करोड़ डॉलर तक की फीस मिल सकती है।