AI Chip Listed Companies: ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंप्यूटिंग में एनवीडिया (Nvidia) का काफी दबदबा है। हालांकि अब इसे एक स्टार्टअप सेरेब्रस सिस्टम्स (Cerebras Systems) ने चुनौती देने की ठान ली है। सेरेब्रस ने सोमवार को आईपीओ के लिए अप्लाई कर दिया और वित्तीय आंकड़े जारी किए जिसमें यह तेजी से आगे बढ़ती हुई दिख रही है। हालांकि कारोबार अभी भी काफी छोटा है। इससे पहले कंपनी ने अगस्त में गोपनीय तरीके से आईपीओ के लिए आवेदन किया था। गोपनीय तरीके का मतलब होता है कि कंपनियों के आईपीओ ड्राफ्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाता है। हालांकि सेरेब्रस और शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स ने अभी तक वैल्यूएशन को लेकर खुलासा किया है। लेकिन न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक लिस्टिंग पर इसका वैल्यूएशन 100-700 करोड़ डॉलर तक हो सकता है। इसके शेयरों की नास्डाक ग्लोबल मार्केट पर CBRS के सिंबल पर लिस्ट करने की योजवा है।
कैसी है Cerebras Systems की कारोबारी सेहत?
अमेरिकी बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास दाखिल आईपीओ ड्राफ्ट के मुताबिक इस साल की पहली छमाही में इसकी सेल्स तेजी से बढ़कर 13.64 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 87 लाख डॉलर ही था। कैलिफोर्निया के सनीवेल की इस कंपनी को पहली छमाही में 7.78 करोड़ डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ था जबकि पिछले साल की समान छमाही में यह आंकड़ा 7.78 करोड़ डॉलर पर था। इसके अलावा आईपीओ ड्राफ्ट से यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी को अधिकतर रेवेन्यू अबूधाबी की एक एआई कंपनी ग्रुप 42 होल्डिंग लिमिटेड (जी42) से मिलता है।
Nvidia को टक्कर देने की है स्थिति?
आईपीओ ड्राफ्ट में पेश आंकड़ों के मुताबिक यह कंपनी एनवीडिया समेत बाकी नामी-गिरामी चिप कंपनियों को टक्कर देने की शुरुआती अवस्था में है। हालांकि आंकड़ों से यह भी दिख रहा है कि यह दूसरे तरीके के तेजी से आगे बढ़ रही है। सेरेब्रस की फ्लैगशिप सिस्टम सीएस-3 (CS-3) एआई कंप्यूटिंग वर्कलोड को संभाल सकता है और इसे एआई कंप्यूटर्स को ताकत देने के लिए एकजुट एकत्रित किया जा सकता है। सेरेब्रस के फाउंडर और सीईओ एंड्रूय फेल्डमैन का कहना है कि उनकी चिप और इससे लैस कंप्यूटिंग सिस्टम एआई कंप्यूटिंग इंडस्ट्री को बदल देगी। अभी तक एआई मॉडल पर जो अरबों डॉलर खर्च हुए हैं, वे अधिकतर एनवीडिया के ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) पर हैं।
सेरेब्रस को छह महीने में यानी जनवरी-जून 2024 में इसकी सेल्स का 87 फीसदी डेटा सेंटर ऑपरेट करने वाली जी42 से मिला। इसमें 83 फीसदी की तेजी आई है। यह एक तरह से रिस्क है क्योंकि कंपनी का एक बड़ा हिस्सा यूएई से आता है तो इसे अमेरिकी सरकार की मंजूरी पर निर्भर रहना पड़ता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि इसे ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी (BIS) से अपने सीएस-2 सिस्टम जी42 को निर्यात करने का लाइसेंस मिला हुआ है लेकिन अभी तक इसने जो भी सिस्टम बेचे हैं, वे अमेरिका के ही डेटा सेंटर में लगाए जाएंगे। लाइसेंस की प्रक्रिया में समय लगता है और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि बीआईएस इसके लिए तेज काम करेगी।