Bangladesh Crisis News: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर लगातार हो हमलों की घटनाओं के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि वह नस्ली आधार पर होने वाले किसी भी तरह के हमले या हिंसा भड़काने के खिलाफ हैं। महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने गुरुवार को कहा, "यह स्पष्ट है कि हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हाल के सप्ताह में बांग्लादेश में जो हिंसा हो रही है उस पर नियंत्रण पाया जाए। निश्चित रूप से हम नस्ल आधार पर किसी भी तरह के हमले या हिंसा भड़काने के खिलाफ हैं।" वह बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमलों के संबंध में महासचिव की प्रतिक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे थे।
5 अगस्त को प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर भारत आ जाने के बाद से जारी हिंसा में कई हिंदू मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है। भारत विरोधी अवामी लीग से जुड़े कम से कम दो हिंदू नेताओं की हत्या कर दी गई।
नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ दिलाए जाने पर हक ने संयुक्त राष्ट्र की सरकार बनाने की एक समावेशी प्रक्रिया की आशाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "हम उम्मीद बरकरार रखे हुए हैं। शांति बहाली का कोई भी संकेत एक अच्छी चीज है।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या महासचिव गुतारेस ने यूनुस को बधाई दी है या फोन पर बात की है? तो हक ने कहा कि गुतारेस ने उनसे बात नहीं की है, लेकिन बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र की स्थानीय समन्वयक ग्विन लुईस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हई थीं।
हक ने कहा, "निश्चित रूप से, वह और देश की टीम सक्रिय तौर पर यह सुनिश्चित कर रही है कि जमीनी स्तर पर परिवर्तन शांतिपूर्ण हो।" पिछले कुछ सप्ताहों में बांग्लादेश में हुई हत्याओं की जांच का हिस्सा बनने के लिए संयुक्त राष्ट्र से किए गए अनुरोध पर हक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र गौर करेगा कि गठित होने वाली किसी भी नई सरकार से उसे किस प्रकार का औपचारिक अनुरोध प्राप्त होता है।
नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर गुरुवार (8 अगस्त) को शपथ ले ली। देश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण सिस्टम के खिलाफ और फिर सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना ने इस सप्ताह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर चली गई थीं। बांग्लादेश में अफरा-तफरी के माहौल के बीच यूनुस ने देश की बागडोर संभाली है। उनके सामने फिलहाल देश में शांति बहाल करने और चुनाव कराने का जिम्मा है।
84 साल के यूनुस को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' में आयोजित एक समारोह में मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ दिलाई जो प्रधानमंत्री के समकक्ष पद है। समारोह में राजनीतिक दलों के नेता, जज, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, तीनों सेनाओं के प्रमुख, DGP, वरिष्ठ सैन्य एवं असैन्य अधिकारी, राजनयिक, स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ पत्रकार एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस दौरान हसीना की पार्टी का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था।
अंतरिम मंत्रिमंडल के 16 अन्य सदस्य मुख्य रूप से नागरिक समाज से जुड़े लोग हैं। इसमें छात्र आंदोलन के दो नेता भी शामिल हैं। मंत्रिमंडल के सदस्यों का चयन छात्र नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और सेना के बीच हुई चर्चा के बाद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूनुस को शुभकामनाएं दीं और देश में जल्द ही स्थिति सामान्य होने तथा हिंदुओं एवं अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई।