Bangladesh Violence: बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा! 91 लोगों की मौत, देशभर में कर्फ्यू का ऐलान, सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद
Bangladesh Violence: बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ आवामी लीग के समर्थकों के बीच 4 अगस्त को भीषण झड़पों में 14 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 91 लोगों की मौत हो गई। जबकि सैकड़ों अन्य घायल हो गए। इसके चलते अधिकारियों ने मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी और अनिश्चितकाल के लिए पूरे देश में कर्फ्यू लागू कर दिया
Bangladesh Violence: प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी समर्थकों के बीच रविवार (4 अगस्त) को हुई ताजा हिंसक झड़पों में 14 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 91 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों अन्य घायल हो गए। इसके चलते अधिकारियों ने मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी और अनिश्चितकाल के लिए पूरे देश में कर्फ्यू लागू कर दिया। बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र आंदोलन संगठन के 'असहयोग' आंदोलन के पहले दिन रविवार को प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ अवामी लीग समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों में 91 लोग मारे गए।
इस हिंसक झड़प में सैकड़ों अन्य घायल हो गए। पीएम शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों के बीच भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी एक 'असहयोग कार्यक्रम' में भाग लेने पहुंचे। अवामी लीग, छात्र लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया तथा फिर दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई। प्रोथोम अलो अखबार ने अपनी खबर में कहा, "बांग्लादेश के 13 जिलों में हुई झड़पों में अब तक 91 लोग मारे जा चुके हैं।"
कर्फ्यू का ऐलान
गृह मंत्रालय ने रविवार शाम 6 बजे से देश में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया। सरकारी एजेंसियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, मैसेंजर, व्हॉट्सऐप और इंस्टाग्राम को बंद करने का आदेश दिया है। अखबार ने बताया कि मोबाइल कंपनियों को 4G इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया गया है। पीटीआई के मुताबिक 'स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन प्लेटफॉर्म' ने सरकार के इस्तीफे की एक सूत्री मांग के साथ आज (4 अगस्त) से पूर्ण 'असहयोग' आंदोलन का आह्वान किया।
पीएम ने प्रदर्शनकारियों को बताया आतंकी
इस बीच, प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि विरोध के नाम पर बांग्लादेश में तोड़फोड़ करने वाले लोग छात्र, नहीं बल्कि आतंकवादी हैं। उन्होंने जनता से ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने को कहा। उन्होंने कहा, "मैं देशवासियों से अपील करती हूं कि इन आतंकियों से सख्ती से निपटा जाए।" प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के सूत्रों के हवाले से अखबार ने खबर में बताया कि हसीना ने गणभवन में सुरक्षा मामलों की राष्ट्रीय समिति की बैठक बुलाई।
बैठक में सेना, नौसेना, वायुसेना, पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन (RAB), बांग्लादेश सीमा गार्ड (BGB) के प्रमुखों और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब देश के कई हिस्सों में हिंसा फिर से फैलती जा रही है। विरोध प्रदर्शन के चलते ढाका की ज्यादा दुकानें और मॉल बंद रहे। सैकड़ों छात्र और कामकाजी लोग ढाका के शाहबाग में एकत्र हो गए हैं, जिससे यातायात जाम हो गया।
शेख हसीना के इस्तीफे की मांग
'Bangladesh News 24' की एक खबर के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरक्षण में सुधार को लेकर हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए। प्रदर्शनकारी असहयोग आंदोलन के पहले दिन राजधानी के साइंस लैब चौराहे पर भी जुटे और उन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए।
समाचारपत्र 'डेली स्टार' के अनुसार, रविवार को बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी (BSMMU) में अज्ञात लोगों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। खबर के अनुसार, लाठी-डंडे लिए लोगों को अस्पताल परिसर में निजी कार, एम्बुलेंस, मोटरसाइकिलों और बसों में तोड़फोड़ करते देखा गया, जिससे मरीजों, तीमारदारों, चिकित्सकों और अन्य कर्मियों में भय पैदा हो गया। प्रदर्शनकारियों ने हसीना के वार्ता के निमंत्रण को खारिज कर दिया और सरकार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के समन्वयकों ने स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों और मदरसों के छात्रों के साथ-साथ श्रमिकों, पेशेवरों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अन्य आम लोगों से विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया। सरकार विरोधी प्रदर्शनों के समन्वयक नाहिद इस्लाम ने घोषणा की कि वे अपनी एक सूत्री मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन और सामूहिक धरना देंगे।
अब तक 200 से अधिक की मौत
बांग्लादेश में हाल में पुलिस और मुख्य रूप से छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिली थीं जिसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारी विवादास्पद आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे थे जिसके तहत 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लड़ाकों के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया था।