बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार देश में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच अपनी पद से इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं वह राजधानी ढाका छोड़ किसी 'सुरक्षित जगह' के लिए निकल गई हैं। पहले ये खबर आ रही थी कि वह फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी जा सकती हैं, लेकिन अब खबर है कि वह भारत आ रही है। News18 ने BSF के शीर्ष सूत्रों के हवाले से बताया कि उन्हें पश्चिम बंगाल में रिसीव करने के लिए तैयारी चल रही है। हसीना ने अपनी बहन के साथ शेख रेहाना के साथ देश छोड़कर चली गई हैं।
शेख हसीना (Sheikh Hasina) के ढाका से भागने की तस्वीरें भी सामने आ गई हैं। इसी वीडियो में कई गाड़ियां और एक हेलीकॉप्टर दिखाई दे रहा है। इसी हेलीकॉप्टर में शेख हसीना और उनकी बहन शेख रेहाना के देश छोड़ने की खबर है।
दूसरी तरफ एक और तस्वीर सामने आई है, जिसमें कई प्रदर्शनकारी ढाका में प्रधानमंत्री आवास में घुस गए और हसीना के देश छोड़े जाने पर जश्न मनाते दिखे।
नेताओं के साथ बांग्लादेश के सेना प्रमुख की बैठक
वहीं बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, सेना प्रमुख जनरल वेकर-उज-जमान सेना मुख्यालय में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ बैठक कर रहे हैं।
जातीय पार्टी के सह-अध्यक्ष अनीसुल इस्लाम महमूद और पार्टी महासचिव मुजीबुल हक चुन्नू को भी इस मीटिंग में बुलाया गया है। ढाका यूनिवर्सिटी के कानून विभाग के प्रोफेसर आसिफ नजरूल को भी सेना प्रमुख जनरल वेकर-उज-जमान के साथ बैठक में शामिल होने का निमंत्रण मिला है।
इससे पहले खबर आई थी कि दोपहर करीब 3 बजे सेना अध्यक्ष राष्ट्र के नाम संबोधन करेंगे। रिपोर्ट की मानें तो इसी के साथ देश में एक अंतरिम सैन्य सरकार बनाने का ऐलान भी किया जा सकता है।
बांग्लादेश हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की मौत
प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को आम जनता से ‘लॉन्ग मार्च टू ढाका’ में भाग लेने का आह्वान किया था एक दिन पहले बांग्लादेश में प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में झड़प में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
झड़पें रविवार की सुबह हुईं, जब प्रदर्शनकारी ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ के बैनर तले आयोजित ‘असहयोग कार्यक्रम’ में भाग लेने पहुंचे। अवामी लीग, छात्र लीग और जुबो लीग के कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया तथा फिर दोनों पक्षों के बीच झड़ल हुई। प्रदर्शनकारी सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के मुद्दे को लेकर हसीना का इस्तीफा मांग रहे हैं।