बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच मंगलवार को संसद भंग कर दी। ये फैसला प्रधानमंत्री पद से शेख हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के एक दिन बाद लिया गया। बंगभवन (राष्ट्रपति भवन) के एक प्रवक्ता ने बताया, "राष्ट्रपति ने एक शासकीय आदेश के तहत जातीय संसद को भंग कर दिया है।" साथ ही बांग्लादेश सेना के शीर्ष पदों पर बड़ा फेरबदल हुआ है, मेजर जनरल जियाउल अहसन को सेवा से हटा दिया गया है।
राष्ट्रपति भवन की तरफ से जारी बयान में कहा गया, "संसद को भंग करने का निर्णय सशस्त्र बलों के तीनों प्रमुखों, अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं, नागरिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और आंदोलन कर रहे छात्रों के नेताओं के साथ राष्ट्रपति की चर्चा के बाद लिया गया।"
नए सिरे से आम चुनाव कराने का रास्ता साफ
अधिकारियों ने बताया कि बाद में एक पूर्ण अंतरिम सरकार की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि संसद को भंग करने के राष्ट्रपति के कदम ने नए सिरे से आम चुनाव कराने का रास्ता साफ कर दिया है।
वहीं एक प्रेस रिलीज में, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) निदेशालय ने ये भी कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल सैफुल आलम को विदेश मंत्रालय में तैनात किया गया है, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल मुजीबुर रहमान को आर्मी ट्रेनिंग और डॉक्ट्रिन कमान में GOC के पद पर नियुक्त किया गया है।
सेना के कई अधिकारियों का ट्रांसफर
बयान में आगे कहा गया, इसके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल अहमद तबरेज शम्स चौधरी को क्वार्टर मास्टर जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल मिजानुर रहमान शमीम को जनरल स्टाफ का प्रमुख नियुक्त किया गया।
साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद शाहीनुल हक को NDC के कमांडेंट के रूप में, और मेजर जनरल एएसएम रिदवानुर रहमान को नेशनल टेलीकम्युनिकेशन मॉनिटरिंग सेंटर (NTMC) का डायरेक्टर जनरल बनाया गया है।