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चीन की राह पर चला ब्रिटेन? नए साल से UK भी जारी नहीं करेगा कोरोना का डेटा, कहा- हमने Covid-19 के साथ रहना सीख लिया

ब्रिटेन (Britain) के अधिकारियों ने इस फैसले के पीछे का कारण भी बताया। उन्होंने कहा, "देश वैक्सीन और दवाओं की मदद से Covid-19 वायरस के साथ जीना सीख गया है, तो ऐसे में संक्रमण के आंकड़े जारी करना जरूरी नहीं समझा जाता

Shubham Sharmaअपडेटेड Dec 27, 2022 पर 3:52 PM
चीन की राह पर चला ब्रिटेन? नए साल से UK भी जारी नहीं करेगा कोरोना का डेटा, कहा- हमने Covid-19 के साथ रहना सीख लिया
Coronavirus: नए साल से ब्रिटेन भी जारी नहीं करेगा कोरोना का डेटा

ब्रिटेन (Britain) भी अब चीन (China) की राह पर चल पड़ा है। यूके (UK) के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि नए साल से अब रेगुलर Covid-19 इंफेक्शन मॉडलिंग डेटा जारी नहीं किया जाएगा। इसका मतलब ये हुआ कि ब्रिटेन अब कोरोना के हर रोज आने वाले नए केस के नंबर जारी नहीं करेगा। ब्रिटेन के अधिकारियों ने इस फैसले के पीछे का कारण भी बताया। उन्होंने कहा, "देश वैक्सीन और दवाओं की मदद से वायरस के साथ जीना सीख गया है, तो ऐसे में संक्रमण के आंकड़े जारी करना जरूरी नहीं समझा जाता।"

यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने कहा कि वे दूसरे कॉमन वायरल और मौसमी फ्ली की तरह ही Covid-19 को मॉनिटर करते रहेंगे।

इस साल अप्रैल के बाद से, रिप्रोडक्टिव रेट या R Value, का डेटा हर 15 दिन बाद जारी किया जा रहा था। R Value वो रेट है, जिस स्पीड से कोरोना वायरस लोगों को अपनी चपेट लेता है या संक्रमित करता है।

UKHSA एपिडेमियोलॉजी मॉडलिंग रिव्यू ग्रुप (EMRG) के अध्यक्ष डॉ. निक वाटकिंस ने कहा, "महामारी के दौरान, R Value और ग्रोथ रेट ने पब्लिक हेल्थ एक्शन और सरकार के फैसलों को लोगों तक पहुंचाने में एक आसान और कारगर इंडिकेटर के तौर पर काम किया है।"

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