चीन में डिफ्लेशन का संकट! खुदरा महंगाई 13 महीनों में पहली बार गई जीरो से नीचे

चीनी सरकार ने पिछले सप्ताह अपने औपचारिक विधानमंडल, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस को सौंपी गई एक वार्षिक रिपोर्ट में घरेलू मांग और उपभोक्ता खर्च बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। लेकिन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए किसी भी नाटकीय नए कदम को उठाने से परहेज किया

अपडेटेड Mar 09, 2025 पर 3:31 PM
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मौजूदा वक्त में जहां कई अन्य देश महंगाई से जूझ रहे हैं, वहीं चीन के पॉलिसी मेकर्स को उपभोक्ता कीमतों में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।

चीन में फरवरी में खुदरा महंगाई गिरकर जीरो के नीचे चली गई। 13 महीनों में पहली बार ऐसा हुआ है। इसके पीछे लगातार कमजोर मांग के साथ-साथ चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों का समय जल्दी आना भी वजह रहा। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो का कहना है कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में एक साल पहले की तुलना में फरवरी में 0.7% की गिरावट आई। मंथली बेसिस पर ​खुदरा महंगाई जनवरी से 0.2% कम रही।

मौजूदा वक्त में जहां कई अन्य देश महंगाई से जूझ रहे हैं, वहीं चीन के पॉलिसी मेकर्स को उपभोक्ता कीमतों (Consumer prices) में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। अब डिफ्लेशन को लेकर डर पैदा हो गया है, जो चीन की अर्थव्यवस्था को नीचे खींच लेगी। चीनी सरकार ने पिछले सप्ताह अपने औपचारिक विधानमंडल, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस को सौंपी गई एक वार्षिक रिपोर्ट में घरेलू मांग और उपभोक्ता खर्च बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। लेकिन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए किसी भी नाटकीय नए कदम को उठाने से परहेज किया।

इस साल जनवरी में ही आ गया चंद्र नव वर्ष


चंद्र नव वर्ष यानि लूनर न्यू ईयर वह वक्त है, जब ट्रैवल, बाहर खाने और मनोरंजन पर खर्च बढ़ता है। यह चंद्रमा के साइकिल्स पर बेस्ड है और इस साल यह फरवरी के बजाय जनवरी के आखिर में ही आ गया। छुट्टियों के दौरान खर्च ने जनवरी में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को 0.5 प्रतिशत बढ़ाने में मदद की। सरकारी सांख्यिकी ब्यूरो के स्टेटिस्टीशियन डोंग लिजुआन ने एक लिखित एनालिसिस में कहा कि छुट्टियों के असर को ध्यान में रखें तो पिछले महीने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1% की वृद्धि हुई। यह अभी भी आदर्श स्तर से बहुत कम है।

पिछले सप्ताह की सरकारी वार्षिक रिपोर्ट में इस वर्ष के लिए 2% का महंगाई लक्ष्य शामिल रहा, लेकिन महंगाई उस लक्ष्य से बहुत कम रहने की संभावना है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स 2024 में 0.2 प्रतिशत बढ़कर स्थिर रहा। ।

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इन दो फैक्टर्स के चलते भी आई गिरावट

डोंग ने कहा कि चंद्र नव वर्ष जल्दी आ जाने के अलावा, फरवरी में कीमतों में गिरावट में दो अन्य फैक्टर्स ने भी योगदान दिया। पहला, बेहतर मौसम ने कृषि उत्पादन को बढ़ावा दिया, जिससे ताजी सब्जियों की कीमत कम हुई और दूसरा, व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स ने बिक्री बढ़ाने के लिए प्रचार बढ़ाया, जिससे नई कारों की कीमतें कम हुईं। सांख्यिकी ब्यूरो ने कहा कि चीजों की थोक कीमत को मापने वाला प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स फरवरी में 2.2% गिरा।

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