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China Coronavirus: कभी 'घातक वायरस', तो कभी 'कॉमन फ्लू', Covid-19 को लेकर चीन के कब-कब बदले स्वर

China Coronavirus: गिरगिट की तरह रंग बदलना भी कोई चीन की इस पूरी प्रोपेगेंडा मशीनरी से सीख सकता है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि जब कड़े विरोध के बाद शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने इस महीने की शुरुआत में अपनी जीरो कोविड पॉलिसी (Zero Covid Policy) में ढील दी, तो उनके सुर भी वैसे ही बदल गए

Shubham Sharmaअपडेटेड Dec 25, 2022 पर 1:18 PM
China Coronavirus: कभी 'घातक वायरस', तो कभी 'कॉमन फ्लू', Covid-19 को लेकर चीन के कब-कब बदले स्वर
China Coronavirus: Covid-19 को लेकर चीन के कब-कब बदले स्वर (Moneycontrol Hindi)

China Coronavirus: महामारी (Pandemic) के दौरान, चीन (China) की सरकार और उसकी प्रोपेगेंडा मशीनरी (Propaganda Machinery) ने एक बेहद ही सरल, लेकिन बहुत पावरफुल मैसेज देने की कोशिश। बीजिंग (Beijing) हमेशा से ही ये कहता आया कि देश Covid-19 के पूरी तरह से खत्म करने के लिए अपनी लड़ाई में कोई ढील नहीं करेगा और पूरी शक्ति के साथ लगा रहेगा।

हालांकि, गिरगिट की तरह रंग बदलना भी कोई चीन की इस पूरी प्रोपेगेंडा मशीनरी से सीख सकता है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि जब कड़े विरोध के बाद शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने इस महीने की शुरुआत में अपनी जीरो कोविड पॉलिसी (Zero Covid Policy) में ढील दी, तो उनके सुर भी वैसे ही बदल गए।

चीन के सरकारी अधिकारियों से लेकर मेडिकल एक्सपर्ट्स तक ने अपने बयानों और शब्दों को एकदम बदल दिया।

खुद शी जिनपिंग ने महामारी की शुरुआत में कहा कि ये कोई ऐसा 'खतरनाक' वायरस नहीं है। ये एक कॉमन फ्लू से ज्यादा कुछ नहीं है और बिना किसी डर और दहशत के अर्थव्यवस्था को फिर से खोला जा सकता है।

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