दुनियाभर में स्टॉक मैनेजर्स थोड़े दबाव में दिख रहे हैं। दरअसल चीन की इकोनॉमी (China Economy) में सुस्ती का असर ग्लोबल कंपनियों पर दिख रहा है। इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों की दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी पर काफी निर्भरता है। एक समय चीन की कंपनियों में निवेश को रिटर्न गारंटी माना जाता था। लेकिन, अब हालात उलट हो गए हैं। चीन का रियल एस्टेट मार्केट मुश्किल में है। यह प्रॉब्लम दूसरे सेक्टर में भी क्राइसिस की वजह बन सकता है। अभी तो सिर्फ चीन की कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दिखी है। लेकिन, यूरोप, अमेरिका और एशियाई देशों की ऐसी कंपनियों पर भी दबाव दिख रहा है, जिनके रेवेन्यू में चीन की डिमांड का बड़ा हाथ है।
एनालिस्ट्स घटा रहे चीन की इकोनॉमी की ग्रोथ के अनुमान
Caterpillar Inc और Dupont de Nemours Inc ने हाल में पेश अपने नतीजों में आगे मुश्किल वक्त के संकेत दिए हैं। चीन की इकोनॉमी की ग्रोथ के अनुमान घटाए जा रहे हैं। इससे इनवेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो के रिस्क को कम से कम करने की कोशिश कर रहे हैं। चीन की इकोनॉमी से जुड़ी ग्लोबल कंपनियों को ट्रैक करने वाला MSCI Index इस महीने करीब 10 फीसदी गिर चुका है। यह दुनिया के बड़े स्टॉक एक्सचेंजों के प्रमुख सूचकाकों में आई गिरावट का दोगुना है। बैंक ऑफ अमेरिकी के स्ट्रेटेजिस्ट्स का मानना है कि अगर चीन में मुश्किल बढ़ती है तो अमेरिकी स्टॉक्स में और 4 फीसदी गिरावट आ सकती है।
रियल एस्टेट सेक्टर में क्राइसिस बढ़ने के संकेत
Rayliant Global Advisors के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर जेसन हसू ने कहा, "साफ तौर पर पूरी दुनिया किसी न किसी तरह से चीन से जुड़ी हुई है। दुनिया की बड़ी कंपनियां या तो चीन को अपने प्रोडक्ट्स बेचती हैं या वहां से प्रोडेक्ट्स सोर्स करती हैं। इन कंपनियों को अगले 12 महीनों में अपने रेवेन्यू के अनुमान में कमी करनी होगी।" चीन की इकोनॉमी को लेकर इनवेस्टर्स, बिजनेसेज और कंज्यूमर्स का भरोसा डगमगा रहा है। इसकी वजह इस हफ्ते आईं कुछ खबरें हैं। खबर है कि Zhongzhu Enterprise Group Co ने हजारों ग्राहकों को पेमेंट रोक दिया है। रियल एस्टेट कंपनी Country Garden Holdings Co. अपने बॉन्ड पर डिफॉल्ट के करीब पहुंच गई है।
हांगकांग का मार्केट बेयर फेज में
बढ़ती चिंता की वजह से हांगकांग और चीन के स्टॉक मार्केट्स के प्रमुख सूचकांक नवंबर के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं। शुक्रवार को हांगकांग बेयर मार्केट में एंटर कर गया। ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन की दमदार स्थिति को देखते हुए यूरोप और अमेरिका में भी इनवेस्टमेंट सेंटिमेंट पर असर पड़ रहा है। दोनों ही बाजारों में मार्च के बाद से से सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है।