विदेश जाने की चाहत इंडियंस में बढ़ रही है। कुछ लोग नौकरी के लिए विदेश जाना चाहते हैं तो कुछ लोग वही बस जाना चाहते हैं। इधर, बीते कुछ सालों में विदेश में पढ़ाई की चाहत बहुत बढ़ी है। अमेरिका और इंग्लैंड सबसे ज्यादा लोग जाना चाहते हैं। आज हम आपको इंग्लैंड जाने से जुड़े नियम और शर्तों के बारे में बता रहे हैं।
वर्क वीजा है सबसे आसान रास्ता
अगर आप इंग्लैंड में रहना चाहते हैं तो वर्क वीजा का रास्ता आपके लिए सबसे आसान होगा। इसके लिए आपको कुछ शर्तें पूरी करनी होगी। आम तौर पर डॉक्टर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर जैसे प्रोफेनल्स के लिए वर्क वीजा हासिल करना आसान होता है। पिछले कुछ सालों में नर्सिंग स्टाफ की भी डिमांड इंग्लैंड में बढ़ी है। इंग्लैंड की सरकार उन प्रोफेनल्स को जल्द वीजा देती है, जिनकी कमी वहां होती है।
3 हफ्ते में वीजा का अप्लिकेशन प्रोसेस हो जाता है
वीजा के लिए अप्लाई करने के बाद वीजा अप्लिकेशन सेंटर पर आपका अप्वाइंटमेंट तय किया जाता है। इसके तीन हफ्ते बाद सभी जरूरी प्रकिया पूरी होने पर अप्लिकेंट को वीजा जारी कर दिया जाता है। किसी-किसी अप्लिकेंट का अप्लिकेशन प्रोसेस होने में 12 हफ्ते तक का समय लग जाता है। कई बार ब्रिटिश इम्बैसी के ऑफिसर आपसे कुछ अतिरिक्त डॉक्युमेंट मांगते हैं। ऐसा होने वर वीजा प्रोसेस में ज्यादा समय लगता है।
बूढ़े माता-पिता के लिए स्थायी वीजा मिलने में आती है दिक्कत
ब्रिटेन में नौकरी का ऑफर मिलने के बाद भी वहां जाने से पहले कुछ लोग कई बार सोचते हैं। इसकी वजह यह है कि ऐसे लोगों पर अपने बूढ़े माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी होती है। नौकरी के लिए वर्क वीजा तो आसानी से मिल जाता है। लेकिन, माता-पिता को साथ रखने के लिए वीजा लेने में बहुत दिक्कत आती है।
ब्रिटिश गवर्नमेंट लंबी अवधि या स्थायी रूप से एडल्ट डिपेंडेंट को अपने बच्चों के साथ रहने की इजाजत देती है। लेकिन, इसके नियम बहुत मुश्किल है। सबसे पहले तो इसके लिए अप्लाई करना पड़ता है। फिर, अप्लिकेशन की कड़ी जांच होती है। यह साबित होने के बाद ही अप्लिकेशन पर विचार किया जाता है कि बूढ़े मां-बाप की देखभाल करने के लिए उनके देश में कोई उपलब्ध नही है। इस रूट से वीजा के आवेदन को मंजूर करने में ब्रिटिश सरकार कर तरह की छानबीन करती है।