राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही अमेरिका में अधिकारियों ने अवैध प्रवासियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। नई सरकार के शपथ ग्रहण के केवल तीन दिन भीतर ही एक बड़ा ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें में सैकड़ों अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट कर दिया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने 538 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया है और सैकड़ों को डिपोर्ट किया है।
कैरोलिन लेविट ने एक ऑनलाइन पोस्ट में कहा, "ट्रंप प्रशासन ने 538 अवैध अप्रवासी अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक संदिग्ध आतंकवादी, ट्रेन डी अरागुआ गैंग के चार सदस्य और नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के दोषी कई अवैध अपराधी भी शामिल हैं।"
उन्होंने कहा, "ट्रंप प्रशासन ने सैन्य विमानों के जरिए सैकड़ों अवैध अप्रवासी अपराधियों को भी डिपोर्ट किया। इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन ऑपरेशन अच्छी तरह से चल रहा है। वादे किए गए। वादे पूरे किए गए।"
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट की ओर से गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के नाम और उनके किए गए अपराधों की भी लिस्ट दी है, जिनमें बलात्कार, बच्चों के साथ यौन व्यवहार और 14 साल या उससे कम उम्र के बच्चों का लगातार यौन शोषण शामिल है।
ये ऑपरेशन तब शुरू किया गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने "आक्रमण के खिलाफ अमेरिकी लोगों की सुऱक्षा" के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका ने पिछले चार सालों में इलीगल इमिग्रेशन की भयंकर बाढ़ देखी है।
इसमें कहा गया, "लाखों अवैध विदेशी हमारी सीमाओं को पार कर गए या उन्हें कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए सीधे संयुक्त राज्य अमेरिका में आने की अनुमति दी गई और अमेरिकी लोगों के बीच बसने की अनुमति दी गई, जो लंबे समय से चले आ रहे संघीय कानूनों का उल्लंघन है।"
आदेश में आगे कहा गया है कि इनमें से कई "अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में रह रहे विदेशी" "राष्ट्रीय सुरक्षा और पब्लिक सेफ्टी के लिए गंभीर खतरा" हैं, और वे निर्दोष अमेरिकियों के खिलाफ जघन्य अपराध कर रहे हैं।