Tesla CEO Elon Musk: टेस्ला के फाउंडर और सीईओ एलॉन मस्क कर्मचारियों की भर्ती के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया भारतीय मूल के अशोक इल्लुस्वामी (Ashok Elluswamy) ऐसे पहले कर्मचारी थे, जिन्हें उनकी पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी की ऑटोपायलट टीम के लिए भर्ती किया गया था।
अशोक ऑटोपायलट इंजीनियरिंग के हेड हैं
मस्क ने अपने एक इंटरव्यू के एक वीडियो के जवाब में ट्वीट के जरिए कहा, “अशोक मेरे ट्वीट से भर्ती होने वाले पहले शख्स थे, जिसमें कहा गया था कि टेस्ला एक ऑटोपायलट टीम शुरू कर रही है।” उन्होंने कहा कि अशोक वास्तव में ऑटोपायलट इंजीनियरिंग (AI) के हेड हैं।
उन्होंने कहा, "एंड्रेज एआई के डायरेक्टर हैं; लोग अक्सर मुझे खासा क्रेडिट देते हैं और एंड्रेज को भी खासा क्रेडिट देते हैं। टेस्ला की ऑटोपायलट एआई टीम खासी प्रतिभाशाली है। इसमें दुनिया के कुछ शानदार लोग हैं।"
अशोक ने चेन्नई में की है पढ़ाई
टेस्ला के साथ जुड़ने से पहले अशोक फॉक्सवैगन इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च लैब और वैबको व्हीकल कंट्रोल सिस्टम से जुड़े हुए थे। अशोक एल्लुस्वामी ने चेन्नई के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग गिंडी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री पूरी की थी। इसके बाद कॉर्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी से रोबोटिक्स सिस्टम डेवलपमेंट के क्षेत्र में उन्होंने मास्टर्स डिग्री हासिल की थी।
एलॉन मस्क ने हाल ही में एक ट्वीट में बताया था कि टेस्ला को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंजीनियरों की तलाश है, जो उन समस्याओं के सॉल्यूशंस खोजने में अपना योगदान दे सकते हैं जो सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी को बड़े स्तर पर प्रभावित करती हैं।