अरबपति इनवेस्टर वॉरेन बफे (Warren Buffett) के निधन के बाद उनकी सपंत्ति का कुछ हिस्सा दुनियाभर के बच्चों के बीच बांटा जा सकता है। Berkshire Hathaway के सीईओ ने 2006 में कंपनी में अपने 85 फीसदी शेयर दान करने का वादा किया था। इसका बड़ा हिस्सा बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (Bill & Melinda Gates Foundation) को जाता।
बफे ने 2010 में अपनी संपत्ति का 99 फीसदी हिस्सा परोपकार के लिए देने का वादा किया। इस तरह बर्कशायर में 90 अरब डॉलर की उनकी हिस्सेदारी में से 56 अरब डॉलर गेट्स फाउंडेशन को जाएगा। 17.4 अरब डॉलर परिवार के चार चैरिटी ऑर्गेनाइजेशंस को जाएगा। इसके बाद 18.7 अरब डॉलर बच जाएगा।
बताया जाता है कि बफे चाहते हैं कि उनकी संपत्ति उनके निधन के 10 साल के अंदर खर्च कर दी जाए। गेट फाउंडेशंस के स्टाफ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बफे से मिलने वाला पैसा कहां खर्च किया जाए। इसकी वजह यह है कि यह फाउंडेशन तय कार्यक्रम के मुताबिक मैक्सिम चैरिटी कर चुका है। इसलिए अब सटाफ इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं कि बफे के निधन के बाद वे इस पैसे का कहां इस्तेमाल करेंगे।
एक ऑप्शन यह है कि बफे के पैसे से एक वर्ल्ड चिल्ड्रेन बैंक बनाया जाए। इससे हर बच्चे को हजारों डॉलर मिलेंगे। फाउंडेशन के एक पूर्व कर्मचारी ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया, "यह युद्ध का प्लान तैयार करने जैसा है, जिस पर जरूरत पड़ने पर अमल किया जा सके।"
बफे इस साल अगस्त में 92 साल के हो जाएंगे। उन्होंने यह नहीं बताया है कि अगर उनकी मौत के बाद यह पैसा गेट्स फाउंडेशन को मिलता है तो इसे दुनिया के बच्चों में किस तरह से बांटा जाएगा। अगर ऐसा होता है तो इससे दुनिया में आर्थिक-सामाजिक बराबरी लाने में मदद मिलेगी। बच्चों के माता-पिता को फाइनेंशियल सिक्योरिटी मिलेगी, जिसे वे अपने बच्चों को देना चाहते हैं।