US Election Rigging: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में इस्तेमाल होने वाली वोटिंग मशीनों पर फॉक्स न्यूज (Fox News) ने 2020 में सवाल उठाया था। इसके बाद वोटिंग मशीन बनाने वाली कंपनी डोमिनियन (Dominion) ने फॉक्स न्यूज पर 1.6 बिलियन डॉलर का मानहानि केस कर दिया। तीन साल बाद अब चैनल ने कंपनी के साथ समझौता कर लिया है। हालांकि, न्यूज चैनल को भारी भरकत भुगतान करना पड़ा है। कंपनी और न्यूज चैनल के बीच 58,059 करोड़ रुपये में सेटलमेंट हुआ है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फॉक्स न्यूज ने डोमिनियन वोटिंग सिस्टम्स के साथ $787 मिलियन (₹58,059 करोड़) से अधिक का भुगतान करके दो साल की कानूनी लड़ाई को सुलझा लिया है। यह अमेरिकी इतिहास में एक मीडिया कंपनी से जुड़ा सबसे बड़ा मानहानि समझौता है।
कानूनी लड़ाई के दौरान फॉक्स न्यूज की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया गया था। चैनल ने आरोप लगाया था कि डोमिनियन ने राष्ट्रपति चुनाव में धांधली की थी। हाल के एक निर्णय में जज एरिक डेविस ने डोमिनियन के बारे में कुछ दावों को झूठा पाया। कंपनी के एक प्रतिनिधि के अनुसार, अदालत के फैसलों को स्वीकार करने के बाद अब फॉक्स न्यूज को ऑन-एयर यह स्वीकार नहीं करना पड़ेगा कि उसने डोमिनियन के बारे में झूठ फैलाया था। कोर्ट कोई फैसला करती इससे पहले ही दोनों के बीच सेटलमेंट हो गया। लेकिन कंपनी ने जितने पैसों का दावा किया था उससे आधे पर भी मामला बन गया।
फॉक्स न्यूज ने गलत रिपोर्टिंग की थी
CNN के मुताबिक, डोमिनियन ने कहा कि इससे ये साबित हो जाता है कि फॉक्स न्यूज ने गलत रिपोर्टिंग की थी। इसीलिए उनको कोर्ट से बाहर समझौता करना पड़ा। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि इस खबर से दुनियाभर में हमारी साख में खराब हुई। हमारी एक मार्केट में इमेज थी, जिसे नुकसान पहुंचा है। कंपनी ने दावा किया कि फॉक्स न्यूज ने अमेरिकी चुनाव में धांधली की झूठी खबर दिखाई जिसके कारण उसके बिजनेस को तगड़ा झटका लगा।
कोर्ट जाने से बच गए चैनल के अधिकारी
कोर्ट के फैसले से ठीक पहले लास्ट टाइम पर हुई इस डील के कारण फॉक्स न्यूज के अधिकारी अदालत जाने से बच गए। ऐसे मामलों में जज की कोई आवश्यकता नहीं होती, जिसने मानहानि का दावा किया है और जिसके खिलाफ किया गया है दोनों के बीच अगर सहमति बनती है तो मामला सुलझ जाता है।
चैनल की प्रतिष्ठा को झटका
यह समझौता फॉक्स न्यूज और इसकी प्रतिष्ठा के लिए एक बड़ा झटका है। झूठी न्यूज फैलाने के चक्कर में चैनल की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है और इसकी पत्रकारिता पर सवाल उठाया गया है। फिर भी, यह देखा जाना बाकी है कि फॉक्स न्यूज पर आने वाले दिनों में क्या प्रभाव पड़ेगा।