श्रीलंका की 2.2 करोड़ आबादी के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सरकार का विदेशी मुद्रा भंडार करीब खाली हो चुका है। सरकार जरूरी चीजों तक का आयात नहीं कर पा रही है। इससे खानेपीने की चीजों तक की कमी हो गई है। उधर, बढ़ती महंगाई कोढ़ में खाज का काम कर रही है।
