Imran Khan Arrest: इमरान खान के लिए बहुत ही बुरा रहा आज का दिन, एक दिन में कोर्ट से लगे तीन झटके
Imran Khan Arrest: दिनभर के तमाम पहलुओं और अदालती आदेशों को देखा जाए, तो बुधवार का दिन इमरान के लिए अच्छा नहीं रहा, ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें आज एक ही दिन में अदालत के तीन फैसलों से बड़ा झटका लगा है। जाहिर है तीनों ही फैसलों ने PTI प्रमुख की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यहां उन्हीं तीन फैसलों पर एक नजर डालेंगे
Imran Khan Arrest: इमरान खान के लिए बहुत ही बुरा रहा आज का दिन
Imran Khan Arrest: पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की मुश्किलें अब कम होती नहीं दिख रही है। हालिया घटनाक्रम की बात करें, तो उनके खास और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। कुरैश इमरान की सरकार में विदेश मंत्री की जिम्मा संभाल चुके हैं। देशभर में PTI प्रमुख के समर्थकों ने सड़कों पर जमकर बवाल काटा और हिंसा की कई घटनाएं भी सामने आईं।
दिनभर के तमाम पहलुओं और अदालती आदेशों को देखा जाए, तो बुधवार का दिन इमरान के लिए अच्छा नहीं रहा, ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें आज एक ही दिन में अदालत के तीन फैसलों से बड़ा झटका लगा है। जाहिर है तीनों ही फैसलों ने PTI प्रमुख की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यहां उन्हीं तीन फैसलों पर एक नजर डालेंगे।
पहला झटका- तोशखाना मामले में इमरान दोषी करार
इमरान को सबसे बड़ा और पहला झटका तब लगा, जब पाकिस्तान की एक अदालत ने इमरान खान को बुधवार को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में आरोपित किया। एक दिन पहले ही गिरफ्तार हुए पूर्व प्रधानमंत्री के लिए ये एक नया संकट है।
खान, प्रधानमंत्री रहने के दौरान तोशाखाना से एक महंगी घड़ी समेत दूसरे कई तोहफे खरीदने और लाभ हासिल करने के लिए उन्हें बेचने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
तोशाखाना की स्थापना 1974 में की गई थी। ये विभाग कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है। राजनेताओं, सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को दूसरे देशों के नेताओं और विदेशी गणमान्य लोगों से मिले महंगे तोहफे तोशाखाना में रखे जाते हैं।
बुधवार को, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष को तोशाखाना मामले में अदालत ने आरोपित किया। खान जिला एवं सत्र अदालत में पेश किये गये, जहां न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने मामले की सुनवाई की।
ये मामला पिछले साल पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने दायर किया था और खान पिछले महीनों में कई सुनवाई में पेश नहीं हुए थे।
दूसरा झटका- अल-कादिर ट्रस्ट केस में 8 दिन की रिमांड
इमरान खान को दूसरा तब लगा, जब स्पेशल NAB कोर्ट ने उन्हें अल-कादिर ट्रस्ट केस में 8 दिन की रिमांड पर भेज दिया। ये वही मामला था, जिसमें मंगलवार को NAB ने उन्हें IHC से गिरफ्तार किया था। तोशखाना और अल-कादिर ट्र्स्ट, इन दोनों ही मामलों की सुनवाई इस्लामाबाद पुलिस लाइन में हुई। PTI प्रमुख को हिरासत में लिए जाने के बाद से इसी जगह पर रखा गया है।
अल-कादिर ट्रस्ट मामले की सुनवाई के दौरान, भ्रष्टाचार पर नजर रखने वाली एजेंसी NAB ने अदालत से इमरान की 14 दिन की रिमांड देने का अनुरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायाधीश मोहम्मद बशीर की अध्यक्षता में ये सुनवाई हुई।
PTI अध्यक्ष के वकील ख्वाजा हैरिस ने NAB की मांग का विरोध किया और कहा कि ये मामला ब्यूरो के दायरे में नहीं आता है। उन्होंने आगे कहा कि NAB ने अपनी जांच रिपोर्ट भी शेयर नहीं की थी।
एक ओपन कोर्ट में सुनवाई का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, "सभी को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार है।" उन्होंने आगे कहा कि अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़ी जमीन पर एक इमारत का निर्माण किया गया था, जहां लोगों ने मुफ्त शिक्षा हासिल की थी।
तीसरा झटका: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की PTI की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) के फैसले को चुनौती दी गई थी। IHC ने अपने फैसले में पार्टी प्रमुख इमरान खान की गिरफ्तारी को "कानूनी" बताया गया था।
Geo News के मुताबिक, IHC के अंदर मंगलवार को खान की गिरफ्तारी के बाद, PTI के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी ने स्थिति की समीक्षा करने और पार्टी अध्यक्ष की सुरक्षित और जल्द रिहाई के लिए सात सदस्यों की एक इमरजेंसी मीटिंग की थी।
मीटिंग के बाद PTI के वरिष्ठ नेता ने शीर्ष अदालत का रुख करने की पार्टी की योजना की घोषणा की थी। पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फवाद चौधरी के नेतृत्व में PTI की कानूनी टीम ने याचिका सौंपी थी।
हालांकि, पार्टी की तरफ से याचिका पेश करने के बाद, रजिस्ट्रार दफ्तर ने याचिका पेश करने के कुछ मिनट बाद भी वापस कर दी।
रजिस्ट्रार दफ्तर ने कहा कि PTI प्रमुख ने प्रासंगिक मंच से संपर्क नहीं किया। इसने कहा कि वह एक इंट्रा-कोर्ट अपील दायर कर सकते हैं। रजिस्ट्रार ने ये भी कहा कि याचिका में PTI प्रमुख के हस्ताक्षर नहीं थे।