India-Canada Row: कनाडा में भारतीय दूतावास के बाहर खालिस्तानी समर्थकों का विरोध प्रदर्शन (Khalistani Protest) बुरी तरह से फ्लॉप रहा है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) द्वारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संलिप्तता की संभावना जताए जाने के एक सप्ताह बाद सोमवार को खालिस्तानियों ने भारतीय राजनयिक मिशन के बाहर प्रदर्शन किया। कनाडा के सूत्रों ने News18 को बताया कि वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर खालिस्तानी समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा बुलाई गई रैली सोमवार को पूरी तरह विफल रही। बमुश्किल 25 लोग ही इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
खालिस्तानी चरमपंथी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर भारत के विरोध में सोमवार दोपहर 12 बजे वाणिज्य दूतावास के बाहर रैली बुलाई गई थी। सूत्रों ने बताया कि भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर लगभग 20-25 लोग ही एकत्र हुए थे। उन्होंने खालिस्तान के साथ-साथ कनाडाई झंडे भी लहराए थे। सूत्रों ने बताया कि कई उपस्थित लोगों ने जस्टिन ट्रूडो को "सिखों के साथ खड़े होने" के लिए धन्यवाद देते हुए तख्तियां ले रखी थीं।
कनाडा में खालिस्तान समर्थक समूहों ने मांग की है कि निज्जर की हत्या पर कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को निष्कासित किया जाए। सूत्रों ने कहा कि रैली में प्रदर्शनकारियों की संख्या मीडियाकर्मियों और पुलिसकर्मियों से भी कम थी। हालांकि, आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि लगभग 100 प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया। जबकि, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस प्रदर्शन में 25 से भी कम लोग शामिल हुए।
ट्रूडो के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
इस बीच, राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक संगठन के कार्यकर्ताओं ने रविवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उन पर खालिस्तानी अलगाववादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया। 'यूनाइटेड हिंदू फ्रंट' ने एक बयान में कहा कि संगठन के प्रमुख जय भगवान गोयल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को कनाडा और भारत के प्रधानमंत्रियों को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा।
ट्रूडो ने ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट की 'संभावित' संलिप्तता का आरोप लगाया है जिससे कनाडा और भारत के बीच कूटनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था। भारत ने इन आरोपों को 'बेतुका' और 'प्रेरित' कहकर आक्रामक रूप से खारिज कर दिया था। इस मामले में कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया।