भारतीय महिला को अबू धाबी में दी गई फांसी, शहजादी खान पर UAE में 4 महीने के बच्चे की हत्या का था आरोप

Indian Woman Executed In Abu Dhabi: चार महीने के बच्चे की कथित हत्या के लिए UAE की राजधानी अबू धाबी में मौत की सजा का सामना कर रही उत्तर प्रदेश की शहजादी खान को 15 फरवरी को ही फांसी दे दी गई है। भारत सरकार की तरफ से सोमवार (3 मार्च) को दिल्ली हाई कोर्ट को यह जानकारी दी गई। घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर जस्टिस सचिन दत्ता ने इसे "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण" बताया

अपडेटेड Mar 03, 2025 पर 7:11 PM
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Indian Woman Executed In Abu Dhabi: यूपी में बांदा जिले की निवासी शहजादी को UAE में 15 फरवरी को फांसी दी गई

Indian Woman Executed In Abu Dhabi: अबू धाबी में चार महीने के बच्चे की कथित हत्या के लिए मौत की सजा का सामना कर रही एक भारतीय महिला को 15 फरवरी को ही फांसी दे दी गई है। यूपी की रहने वाली महिला का नाम शहजादी खान था। यह जानकारी महिला की सलामती के लिए पिता द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान सोमवार (3 मार्च) को दिल्ली हाई कोर्ट को दी गई। इस घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर जस्टिस सचिन दत्ता ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को बताया, "इस मामले का पटाक्षेप हो गया है। उसे 15 फरवरी को फांसी दे दी गई। उसका अंतिम संस्कार पांच मार्च को होगा।" सरकार की ओर से यह जानकारी 33 वर्षीय महिला के पिता द्वारा बेटी की सलामती की जानकारी पाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दी गई।

2023 में सुनाई गई थी मौत की सजा


शहजादी खान को 10 फरवरी, 2023 को अबू धाबी पुलिस को सौंप दिया गया था। उसे 31 जुलाई, 2023 को मौत की सजा सुनाई गई। उसे अल वथबा जेल में रखा गया था। उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी शब्बीर खान ने कहा कि उनकी बेटी शहजादी की स्थिति को लेकर घोर अनिश्चितता है। स्थिति जानने के लिए विदेश मंत्रालय को कई बार आवेदन दिया। लेकिन सारी कोशिशें बेकार गईं।

क्या था आरोप?

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, याचिका में आरोप लगाया गया कि शहजादी को उसके एंप्लॉयर के चार महीने के बच्चे की कथित हत्या के मामले में स्थानीय अदालतों के समक्ष अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया गया। उस पर अपराध स्वीकार करने के लिए दबाव डाला गया, जिसके कारण उसे मौत की सजा मिली। याचिकाकर्ता के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि उनकी सीमित प्रार्थना यह जानने के लिए है कि क्या उनकी बेटी जीवित है या उसे फांसी दे दी गई है।

उन्होंने बताया कि 14 फरवरी को शहजादी ने जेल से परिवार को फोन करके बताया था कि उसे एक-दो दिन में फांसी दे दी जाएगी। यह उसकी आखिरी कॉल है। उन्होंने बताया कि तब से परिवार को उसकी कोई जानकारी नहीं है। केंद्र का पक्ष रख रहे वकील ने अदालत को सूचित किया कि दूतावास के अधिकारी और याचिकाकर्ता संपर्क में हैं। परिवार के सदस्यों के बेटी की अंत्येष्टि में शामिल होने की व्यवस्था की जा रही है।

कौन थी शहजादी खान?

याचिका के मुताबिक शहजादी वैध वीजा के साथ दिसंबर 2021 में अबू धाबी गई थी। अगस्त 2022 में उसके एंप्लॉयर ने एक बेटे को जन्म दिया, जिसके लिए शहजादी को देखभाल करने वाले के रूप में नियुक्त किया गया था।

7 दिसंबर, 2022 को शिशु को नियमित टीके लगाए गए। लेकिन उसी शाम दुखद रूप से उसकी दुखद मृत्यु हो गई। याचिकाकर्ता के मुताबिक, शिशु के माता-पिता ने पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया। साथ ही मौत की जांच से छूट देने के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।

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केंद्र के वकील ने कहा, "हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। हमने अदालत में उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए वहां एक कानूनी फर्म को नियुक्त किया। लेकिन वहां के कानून शिशु की हत्या के मामले में बहुत ही कठोर हैं।"

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