ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को कड़ी सुरक्षा के बीच देश के एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब इजराइल ने हिज्बुल्लाह (Hezbollah) चीफ सैयद हसन नसरल्लाह को एक हवाई हमले में मार गिराने का दावा किया है। इस खबर ने पूरे मिडिल ईस्ट में हलचल मचा दी है और तनाव चरम पर पहुंच गया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान लगातार लेबनान के हिज्बुल्लाह ग्रुप और अन्य क्षेत्रीय गुटों के संपर्क में है, ताकि इजराइल की इस बड़ी कार्रवाई के बाद आगे की रणनीति तय की जा सके।
अगर नसरल्लाह की मौत की पुष्टि हो जाती है, तो यह न केवल हिज्बुल्लाह के लिए बल्कि ईरान में उसके समर्थकों के लिए भी एक बड़ा झटका होगा। नसरल्लाह पिछले 32 सालों से हिज्बुल्लाह के नेता थे और ईरान मिडिल ईस्ट में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए लंबे समय से उन्हें सपोर्ट करता आ रहा था।
इजराइल की सेना ने एक बयान में कहा कि नसरल्लाह को दक्षिणी बेरूत के दहियाह इलाके में एक आवासीय इमारत के नीचे बनाए गए अंडरग्राउंड मुख्यालय पर किए एक "टारगेटेड हमले" में मार गिराया गया। इस हमले में हिज्बुल्लाह के एक और वरिष्ठ नेता, अली कराकी और कई कमांडरों की भी मौत हो गई। इजराइली सेना ने दावा किया कि यह हमला उस समय किया गया जब हिज्बुल्लाह का शीर्ष नेतृत्व इजराइल के नागरिकों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहा था।
शुक्रवार को दहियाह पर हुए हवाई हमले ने बेरूत को हिलाकर रख दिया। लेबनान के एक सुरक्षा सूत्र ने बताया इस हमले में एक के बाद एक बेहद शक्तिशाली विस्फोटों के चलते कम से कम 20 मीटर गहरा गड्ढा बन गया इसके बाद शनिवार को इजराइल ने दहियाह और लेबनान के अन्य हिस्सों में और भी हवाई हमले किए, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया।
इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच तनाव के बढ़ने से यह आशंका बढ़ गई है कि संघर्ष नियंत्रण से बाहर हो सकता है, जिसमें हिजबुल्लाह की ओर से ईरान और इजराइल की ओर से अमेरिका जैसे बड़े देश भी शामिल हो सकते हैं।
इस बीच, हिज्बुल्लाह की तरफ से नसरल्लाह की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, और न ही अभी तक कोई बयान जारी किया गया है। शुक्रवार की देर रात हिजबुल्लाह के एक करीबी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि नसरल्लाह से संपर्क नहीं हो पा रहा है।