Israel Hezbollah War: ईरान के जासूस ने इजरायल को दी थी हसन नसरल्लाह की लोकेशन!

Israel Hezbollah War: इजरायल ने 2006 के युद्ध के बाद हिजबु्ल्लाह को निशाना बनाने के लिए इंटेलिजेंस रिसोर्स पर ज्यादा फोकस करने पर ध्यान दिया और ये हमले उसी का नतीजा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली सेना और खुफिया एजेंसियां ​ 34 दिनों तक चले उस संघर्ष में निर्णायक जीत हासिल नहीं कर पाई थी

अपडेटेड Sep 29, 2024 पर 5:59 PM
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बेरूत में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या वाली जगह के पास जमीन में एक गड्ढा (AP Photo)

इजरायल ने लेबनान के बेरूत में हवाई हमले में हिजबुल्लाह नेता सैय्यद हसन नसरल्लाह को मार दिया। यूं तो इजरायल की इंटेलिजेंस नेटवर्क और उसकी खुफिया एजेंसी मोसाद के बारे में हर कोई जनता है, लेकिन फिर भी एक सवाल ये है कि आखिर इजरायली सेना को नसरल्लाह का ठिकाना और हमले के इतने सटीक टारगेट के बारे में कैसे पता चला, वो भी किसी दूसरे देश के एकदम बीच में।

फ्रांस के एक अखबार ले पेरिसियन ने अब बताया कि इसमें इजरायल की मदद ईरान के एक जासूस ने की, जिसने इजरायली अधिकारियों को नसरल्लाह ठिकाने की जानकारी दी।

रिपोर्ट में लेबनान के एक सुरक्षा सूत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि जासूस ने इजरायली अधिकारियों को बताया था कि नसरल्लाह संगठन के कई शीर्ष सदस्यों के साथ एक बैठक में हिस्सा लेने के लिए बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिजबुल्लाह के अंडरग्राउंड हेडक्वार्टर में होगा।


कल दोपहर 1.30 बजे (लेबनान समयानुसार सुबह 11 बजे) के आसपास, इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने X पर एक पोस्ट में कहा, "हसन नसरल्लाह अब दुनिया को आतंकित नहीं कर पाएगा।"

बाद में, हिजबुल्लाह ने इस खबर की पुष्टि की। एक बयान में कहा गया, "सैय्यद हसन नसरल्लाह... अपने महान, अमर शहीद साथियों में शामिल हो गए हैं, जिनका उन्होंने लगभग 30 सालों तक नेतृत्व किया।"

इजरायल के जासूस कैसे हुए हिजबुल्लाह के खिलाफ एक्टिव?

The New York Times की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने 2006 के युद्ध के बाद हिजबु्ल्लाह को निशाना बनाने के लिए इंटेलिजेंस रिसोर्स पर ज्यादा फोकस करने पर ध्यान दिया और ये हमले उसी का नतीजा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायली सेना और खुफिया एजेंसियां ​ 34 दिनों तक चले उस संघर्ष में निर्णायक जीत हासिल नहीं कर पाई थी। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से संघर्ष विराम के साथ युद्ध रुका और नुकसान के बावजूद हिजबुल्लाह को फिर से संगठित होने और अगले युद्ध के लिए तैयार होने का समय भी मिल गया।

इसके बाद के सालों में, इजरायल ने हिजबुल्लाह के नेतृत्व और रणनीति के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए बहुत सारे संसाधन तैनात किए।

NYT रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल की सिग्नल इंटेलिजेंस एजेंसी यूनिट 8200 ने हिजबुल्लाह के सेलफोन और दूसरे कम्युनिकेशन को बेहतर ढंग से रोकने के लिए अत्याधुनिक साइबर टून बनाए हैं।

इसमें कहा गया है कि कॉम्बेट रैंक के भीतर नई टीमें बनाई गईं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बहुमूल्य जानकारी तुरंत सैनिकों और वायु सेना तक पहुंचाई जा सके।

पेजर बम और नसरल्लाह की एंट्री

हाल ही में टेलीविजन पर प्रसारित एक भाषण में नसरल्ला ने कहा था कि इजराइल की ओर से विस्फोटकों से भरे पेजर और वॉकी टॉकी में विस्फोट करने के बाद हिजबुल्लाह को "जबरदस्त झटका" लगा है।

इन हमलों में दो दिनों में 37 लोग मारे गए और लगभग 3,000 लोग घायल हो गए। नसरल्लाह ने तब इजरायल को "कड़ा बदला और उचित दंड देने की चेतावनी दी थी।"

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