इजरायल एक बार फिर धमाकों से दहल उठा। तेल अवीव शहर में तीन बसों में एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए। इन धमाकों में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। इजरायली पुलिस इसे संदिग्ध आतंकी हमला मान रही है। ये धमाके बाट याम में हुए हैं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने दो अन्य बसों में भी लगे विस्फोटकों को निष्क्रिय कर दिया है। इन हमलों के बाद परिवहन मंत्री मीरी रेगव ने देश में सभी बसों, ट्रेनों और लाइट रेल ट्रेन सेवाएं रोक दी हैं। ताकि विस्फोटक डिवाइसों की जांच की जा सके।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बम शुक्रवार सुबह धमाके के लिए रखे गए थे। लेकिन इनके टाइमर गलत तरीके से सेट किए गए थे, जिससे रात में विस्फोट हो गया। धमाकों के बाद नेतन्याहू ने इजराइल डिफेंस फोर्सेस को वेस्ट बैंक में उग्रवादी ठिकानों में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू करने का आदेश दिया है।
फिलिस्तीन को ठहराया जिम्मेदार
इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने इन बम धमाकों के लिए फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठनों यानी हमास को जिम्मेदार ठहराया है। इस हमले के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सुरक्षा बैठक करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इजरायल के पेजर अटैक का यह बदला हो सकता है। जैसे इजरायल ने फिलिस्तीन में पेजर अटैक से खलबली मचाई थी। ठीक उसी तरह आतंकियों ने बस में बम फिट करके आतंक फैलाया है। ये भी कहा जा रहा है कि नेतन्याहू अब हमास को मुहंतोड़ जवाब देंगे। एक टेलीग्राम चैनल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हमारे शहीदों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है। ये बदला है। यह टेलीग्राम चैनल हमास के तथाकथित तुल्कारेम बटालियन का है। हालांकि, इसने सीधे तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इजरायल में यह आतंकी हमला ऐसे समय में हुआ है, जब इजराइल और हमास युद्धविराम समझौते पर बातचीत कर आगे बढ़ रहे हैं। दोनों इस कोशिश में जुटे हैं कि किसी तरह गाजा में चल रहे युद्ध को रोका जा सके। जहां अब तक बंधकों की सात बार अदला-बदली हो चुकी है। युद्धविराम के पहले चरण के तहत, हमास ने अब तक 19 इजराइली बंधकों को रिहा किया है। इनके बदले में कई अदला-बदली में 1,100 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया है।
बता दें कि लेबनान और सीरिया के कुछ हिस्सों में पिछले साल सीरियल पेजर ब्लास्ट हुए थे। ब्लास्ट से पहले उनमें कुछ सेकेंड तक बीप की आवाज सुनाई दी। कुछ पेजर जेब में ही ब्लास्ट हो गए जबकि कुछ लोगों ने जैसे ही बीप की आवाज सुनकर पेजर को जेब या बैग से बाहर निकाला। उनमें ब्लास्ट हो गया था। कई पेजर लोगों के हाथ में ही फट गए थे। इस ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हुई थी। जिनमें एक छोटी बच्ची भी थी। ब्लास्ट की वजह से 4000 लोग गंभीर या मामूली रूप से चोटिल हुए थे।