Monkeypox से समलैंगिक पुरुष ज्यादा संक्रमित, WHO को भरोसा-अफ्रीका के बाहर महामारी नहीं बनेगी यह बीमारी

नाइजीरिया में सोमवार को मंकीपॉक्स से एक व्यक्ति की मौत हो गई, दुनिया भर में अभी तक इस वायरस 300 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं

अपडेटेड May 30, 2022 पर 10:12 PM
Story continues below Advertisement
Monkeypox Virus के मामले अब अफ्रीकी महाद्वीप के बाहर भी फैल रहे हैं

मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) के मामले अब अफ्रीकी महाद्वीप के बाहर भी फैल रहे हैं। यूरोप, अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों में भी अब इस वायरस के मामले मिले हैं, जहां अभी तक यह बीमारी कभी नहीं पहुंची थी। इस बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने सोमवार को कहा है कि उसे नहीं लगता यह बीमारी अफ्रीका के बाहर भी एक महामारी का रूप लेगी, लेकिन इसके बारे में अभी बहुत कुछ जानना बाकी है। मंकीपॉक्स बीमारी को स्मॉल पॉक्स यानी चेचक का ही एक रूप बताया जा रहा है।

WHO की डॉक्टर रोजमंड लुईस ने सोमवार को कहा कि अभी यह पक्का नहीं हुआ है कि अगर किसी संक्रमित व्यक्ति में बीमारी का कोई लक्षण नहीं दिखता है तो क्या वह भी इसे फैला सकता है। इसके अलावा भी इसके फैलने के तरीके को लेकर एक्सपर्ट कई सवालों के जवाब खोज रहे हैं।

एक व्यक्ति की मौत

दुनिया भर में अभी तक मंकीपॉक्स वायरस के 300 से अधिक संदिग्ध और पुष्टि वाले मामले मिल चुके हैं। अधिकतर मामले यूरोप में मिले हैं, जबकि अभी तक यह मामले मध्य और पश्चिम अफ्रीकी देशों में ही मिलते थे। नाइजीरिया में सोमवार को मंकीपॉक्स से एक व्यक्ति की मौत भी हो गई, जो इस बीमारी से इस साल मरने वाला पहला व्यक्ति है।


यह भी पढ़ें- चौतरफा खरीदारी के बीच सेंसेक्स 1000 अंकों से ज्यादा भागा, जानिए कल कैसी रह सकती है बाजार की चाल

अधिकतर समलैंगिक पुरुष हो रहे संक्रमित?

डब्ल्यूएचओ की डॉक्टर रोजमंड लुईस ने इस तथ्य पर भी जोर दिया कि दुनिया भर के दर्जनों देशों में मंकीपॉक्स वायरस से अधिकतर समलैंगिक, बाइसेक्सुअल या पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने वाले पुरुष व्यक्ति संक्रमित हुए हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को इसके बारे में और अध्ययन करने की जरूरत है ताकि जो लोग इसका शिकार हो सकते हैं, उन्हें ऐहतियात बरतने की सलाह दे सकें।

उन्होंने कहा कि कोई भी इस बीमारी की चपेट में आ सकता है, भले ही उसकी लैंगिक पहचान कुछ भी हो। उन्होंने कहा कि इस बात की आशंका नहीं है कि यह बीमारी अफ्रीकी महाद्वीप के बाहर भी महामारी का रूप ले लेगी।

1970 में आया था पहला मामला

मंकीपॉक्स मानव चेचक के समान एक दुर्लभ वायरल संक्रमण है। यह पहली बार 1958 में वैज्ञानिक रिसर्च के लिए रखे गए बंदरों में पाया गया था। मंकीपॉक्स से इंसानों में संक्रमण का पहला मामला 1970 में दर्ज किया गया था। यह रोग मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षावन क्षेत्रों में होता है और कभी-कभी अन्य क्षेत्रों में पहुंच जाता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।